यूपी टी-20 क्रिकेट लीग में आगरा का कोई खिलाड़ी नहीं बिका? सोशल मीडिया पर आरोपों की बौछार, प्रक्रिया पर उठे सवाल

आगरा, 27 जुलाई। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा विगत शुक्रवार को यहां यूपी टी-20 लीग के लिए कराई गई क्रिकेटरों की नीलामी से आगरा को क्या मिला? यह सवाल वरिष्ठ क्रिकेट खिलाड़ियों द्वारा सोशल मीडिया पर जमकर उठाया जा रहा है। उनका कहना है कि जिन दो खिलाड़ियों को नीलामी में अवसर मिलने की बात कही जा रही है, उनमें से एक रेलवे से है और दूसरा पिछले साल भी कानपुर से खेला था तो उसका बिकना तो तय था। जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने नीलामी से पहले जो सूची बनाई थी उसका क्या हुआ। यदि एसोसिएशन की कोई भूमिका नहीं थी तो फिर आगरा में नीलामी कराने का क्या औचित्य था?
शहर के पूर्व रणजी खिलाड़ी और वर्तमान में अपनी क्रिकेट अकादमी चला रहे केके उपाध्याय ने चुनौती दी कि जो खिलाड़ी नीलामी में खरीदे गए उनसे आगरा के खिलाड़ियों का मुकाबला करा दिया जाए, आगरा के खिलाड़ी भारी बैठेंगे। उन्होंने कहा कि नीलामी में जो दो खिलाड़ी खरीदे गए उनमें से एक खिलाड़ी रेलवे से आता है और दूसरा पिछले साल भी कानपुर से खेला था। इस हिसाब से आगरा से एक भी खिलाड़ी नहीं बिका।
केके उपाध्याय ने आश्चर्य व्यक्त किया कि नीलामी शुरू होने से पहले यूपीसीए के सचिव राजीव शुक्ला ने कहा था- "आगरा एक ऐसी भूमि है जहां टैलेंट की भरमार है देश के लिए कई क्रिकेटर यहां से खेल रहे हैं आईपीएल खेल रहे हैं और लड़कियों में भी देश के लिए खेल रही हैं, आगरा में क्रिकेट बहुत अच्छी है।" उनके इन शब्दों के बाद भी एक भी खिलाड़ी का नहीं बिकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शायद इसीलिए यहाँ के बच्चे दूसरे प्रदेशों से अपना भाग्य आजमाते हैं। ये क्या फ्रेंचाइजी को चूक थी, यह सिस्टम की चूक थी या जिला क्रिकेट एसोसिएशन की चूक थी। चूक किसी की भी हो, लेकिन आगरा में नीलामी होने के बाद भी बच्चों के साथ बहुत गलत हुआ।
केके उपाध्याय की इस पोस्ट का शहर के वरिष्ठ खिलाड़ियों ने भी समर्थन किया।
रणजी खिलाड़ी और कोच रहे 
अशोक बाम्बी के गम्भीर आरोप
उधर, रणजी ट्रॉफी टीम के पूर्व कप्तान, कोच व चयनकर्ता रह चुके लखनऊ के अशोक बाम्बी ने पूरी प्रक्रिया को ही कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा- "मुझे से इस बात का हमेशा अफसोस रहा है कि योग्य खिलाड़ियों को जानबूझकर अनुचित तरीके से चयनकर्ता द्वारा बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। हमेशा की तरह इस बार भी T-20 प्रतियोगिता में शामिल करने के लिए जब नीलामी की गई तो षड्यंत्र के तहत खिलाड़ियों की बोली लगाने के लिये जो सूची तैयार की गई उसमें न तो अंडर 19 टीम के और न ही अंडर 16 टीम के किसी भी खिलाड़ी को शामिल किया गया। यह ऐक भयंकर साजिश है जिसकी  उच्चतम इसतर पर  निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
उन्होंने लिखा- "कुछेक खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने पिछले साल दोनो ही वर्गों में श्रेष्ठ  प्रदर्शन किया है लेकिन उनको BCCI द्वारा तो मान दिया जाता है लेकिन UPCA द्वारा दरकिनार कर दिया जाता है। इनसे कोई पूछे कि T 20 प्रतियोगिता में अंडर 19 व अंडर 16 के उदीयमान बच्चे नही खेलेंगे तो भला कौन खेलेगा। आज भारत की तरफ से एक 15 वर्षीय बालक खेल रहा है और अपने जबरदस्त प्रदर्शन की बदौलत पूरे विश्व में देश का नाम रोशन कर रहा है और एक हमारा प्रदेश है जो एक साजिश के तहत इन उभरते हुए सितारों की हत्या कर रहा है। और तो और कई योग्य खिलाड़ी जो कि 19 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं उन्हें भी किसी भी  टीम में स्थान नहीं दिया गया है।
अशोक बाम्बी ने आरोप लगाया कि 20 खिलाड़ी जो कि लिस्ट में नामित थे उनकी बोली लगाते समय नाम पुकारा ही नहीं गया। यह भी एक साजिश है, जिसके आगे चयनकर्ता भी मजबूर हैं। 
अशोक बाम्बी ने सभी भूतपूर्व और वर्तमान खिलाड़ियों, क्रिकेट प्रेमियों व अभिवावकों से अपील की कि वे आगे आयें इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।
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