पुराना फोन नया बताकर बेचा, सैमसंग इंडिया और डीलर पर जुर्माना
आगरा, 23 जून। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में उपभोक्ता को पहले से एक्टिवेटिड (पुराना) मोबाइल फोन बेचने के मामले में सैमसंग इंडिया (निर्माता कंपनी) और स्थानीय डीलर को संयुक्त रूप से सेवा में कमी का दोषी माना है।
परिवाद के अनुसार, बृजेश कुमार तिवारी ने एक मार्च, 2023 को संजय प्लेस स्थित मोबाइल स्मार्ट सेंटर (डीलर) से 17,800 रुपये में सैमसंग ए-14 मॉडल का स्मार्ट मोबाइल खरीदा था।
फोन में खराबी आने पर जब परिवादी ने ग्रेटर नोएडा स्थित सर्विस सेंटर पर इसे दिखाया, तो वहां बताया गया कि यह फोन बिक्री की तारीख से करीब एक महीने पहले ही 30 जनवरी, 2023 को एक्टिवेट हो चुका था।
इसके बाद परिवादी ने फोन बदलने या पैसे वापस पाने के लिए उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
सुनवाई के दौरान प्रतिपक्षी सैमसंग इंडिया की ओर से तर्क दिया गया कि निर्माता कंपनी केवल उत्पाद बाजार में विक्रय के लिए भेजती है और यदि किसी विक्रेता द्वारा पुराना या पहले से एक्टिवेटिड फोन बेचा गया है, तो उसके लिए निर्माता कंपनी उत्तरदायी नहीं है। प्रतिपक्षी डीलर की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते आयोग ने उनके खिलाफ एकपक्षीय सुनवाई की।
आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने दोनों पक्षों के तर्कों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 84 और 86 का हवाला दिया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि गलत या इस्तेमाल किया गया उत्पाद बेचने के लिए उत्पाद विनिर्माता और विक्रेता दोनों संयुक्त रूप से उत्तरदायी हैं।
आयोग ने अपने 19 जून, 2026 के आदेश में सैमसंग इंडिया और संबंधित डीलर को निर्देश दिया है कि वे 45 दिनों के भीतर परिवादी को मोबाइल का मूल्य 17,800 रुपये वापस करें, जिस पर खरीद की तारीख एक मार्च 2023 से वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देय होगा। इसके अतिरिक्त, मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति के लिए 5,000 रुपये और वाद-व्यय के रूप में 2,000 रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है।
यदि प्रतिपक्षी निर्धारित समय में आदेश का पालन करने में चूक करते हैं, तो परिवादी संपूर्ण धनराशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी होगा।
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