ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने देखा आगरा का फुटवियर सामर्थ्य
आगरा, 20 जून। ब्रिक्स देशों के समूह में शामिल विभिन्न देशों के 30 से अधिक प्रतिनिधिमंडलों ने शनिवार को सिकंदरा स्थित डावर फुटवियर इंडस्ट्री का दौरा कर भारतीय फुटवियर उद्योग की उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता मानकों और निर्यात संभावनाओं का अवलोकन किया।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत डावर फुटवियर इंडस्ट्री एवं डीसीएफएलआई के चेयरमैन पूरन डावर एवं डावर फुटवियर इंडस्ट्री निदेशक संभव डावर द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रतिनिधियों को फैक्ट्री की आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी नवाचारों, गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था तथा वैश्विक बाजारों में भारतीय फुटवियर उद्योग की बढ़ती भूमिका से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल, एमएसएमई मंत्रालय के निदेशक अंकित अग्रवाल, डॉ. आरके भारती, उप सचिव प्रमोद कुमार तथा संयुक्त निदेशक दिलाशा, सहायक विकास आयुक्त सुशील यादव ने भारतीय एमएसएमई क्षेत्र की उपलब्धियों एवं वैश्विक सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
इसके उपरांत डीसीएफएलआई के चेयरमैन पूरन डावर, एफमेक के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता तथा एमपीएस स्कूल के निदेशक ए.के. सिंह ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी सदस्यों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
एमएसएमई डीएफओ आगरा के निदेशक वीके वर्मा, डीएफओ आगरा के अभिषेक सिंह, अवधेश सिंह, सीएलई के उप निदेशक आरके शुक्ला, एफमेक के दलजीत सिंह, ललित अरोरा, अनिरुद्ध तिवारी, ईशान सचदेवा, संजय डंग, रेणुका डंग, संजय ढल, कुलदीप सिंह गुजराल, गौतम कौल, रोमी लूथरा, हरपाल सैंतिया मौजूद रहे। व्यवस्थाएं डावर फुटवियर इंडस्ट्री के प्रबंधक राजीव मिश्रा, सीसीएलए के अजय शर्मा एवं ब्रजेश शर्मा ने संभालीं।
ताजमहल का दीदार भी किया
इससे पूर्व ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने सुबह विश्व धरोहर ताजमहल का दीदार किया। उगते सूरज की सुनहरी किरणों में नहाए ताजमहल की अद्भुत छटा ने विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रिक्स प्रतिनिधि सुबह साढ़े छह बजे अपने होटल से निकले और सीधे ताजमहल जा पहुंचे। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने स्मारक की संगमरमर पर की गई पच्चीकारी, नक्काशी और निर्माण तकनीक को लेकर गाइड से विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने ताजमहल के इतिहास, निर्माण में प्रयुक्त बहुमूल्य पत्थरों और शिल्पकला से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे। गाइड ने उन्हें स्मारक की ऐतिहासिक और वास्तुशिल्पीय विशेषताओं से अवगत कराया।
गौरतलब है कि ब्रिक्स एमएसएमई फोरम की तीसरी वर्किंग ग्रुप बैठक के लिए विभिन्न सदस्य देशों के प्रतिनिधि आगरा पहुंचे हैं। शुक्रवार को आयोजित बैठक में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी तथा उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी भी शामिल हुए थे। बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग, नवाचार, निवेश और व्यापारिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना है।
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