आगरा आईं प्रमुख सचिव राज्य कर के समक्ष उठाईं उद्यमियों, व्यापारियों की समस्याएं, दिए सुझाव
आगरा, 22 जून। प्रदेश की प्रमुख सचिव (राज्य कर) कामिनी रतन चौहान के साथ सोमवार को जीएसटी सभागार, जयपुर हाउस में हुए व्यापारियों ने प्रमुख समस्याओं और चुनौतियों को रखा।
लघु उद्योग भारती की ओर से जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता, जीएसटी सेल चेयरमैन निखिल गुप्ता एवं उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल एवं उद्योग अनुकूल बनाने की मांग की। विजय गुप्ता ने सुझाव दिया कि यदि किसी औद्योगिक इकाई का माल परिवहन के दौरान रोका जाता है तो उसकी सुनवाई स्थानीय स्तर के बजाय संबंधित फर्म के पंजीकृत क्षेत्रीय कार्यालय में की जाए तथा माल के मूल्य के 100 प्रतिशत तक लगाई जाने वाली पेनाल्टी व्यवस्था को समाप्त किया जाए।
कार्यक्रम में उद्यमियों ने ई-वे बिल पोर्टल को टोल प्लाजा के RFID डेटा से जोड़ने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे माल की आवाजाही का सत्यापन स्वतः संभव होगा तथा वर्षों पुरानी टोल रसीदें प्रस्तुत करने की आवश्यकता समाप्त होगी। बैठक में जीएसटी अधिनियम में प्रावधानित Compliance Rating Score प्रणाली को शीघ्र लागू करने, बकाया ब्याज एवं पेनाल्टी को प्राथमिक रूप से क्रेडिट लेजर से समायोजित करने तथा छोटी तकनीकी त्रुटियों एवं अल्प राशि के मामलों में पेनाल्टी समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
अपीलीय व्यवस्था में सुधार, सभी नोटिसों को स्पीड पोस्ट अथवा रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से भेजना अनिवार्य बनाने, स्क्रैप पर और जूते के जॉब वर्क पर जीएसटी दर को 5 प्रतिशत किए जाने की मांग भी रखी गई।
आगरा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी अपने आठ सूत्रीय सुझावों को पढ़कर सुनाया और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में अशोक मंगवानी, जय पुरसनानी कन्हैया लाल राठौड़, राकेश बंसल, राजेश अग्रवाल, राजीव गुप्ता, योगेश रखवानी, दुष्यंत गर्ग शामिल थे।
प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने उद्यमियों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से सुना तथा उन्हें विभागीय स्तर पर परीक्षण एवं विचारार्थ लेने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पंकज गांधी, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 अंजनी अग्रवाल, एडिशनल कमिश्नर (अपील) गुलाबचंद, के. पी. यादव भी उपस्थित रहे।
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