आखिर क्यों हड़ताल के मुद्दे पर दो फाड़ हैं दवा व्यापारी? फिर निकला बाजारों में जुलूस
आगरा, 18 मई। दवा विक्रेताओं की प्रस्तावित हड़ताल का दिन 20 मई नजदीक आने के साथ ही हड़ताल समर्थकों और विरोधियों के बीच शक्ति प्रदर्शन शुरू हो गया है। दवा विक्रेताओं का एक बड़ा वर्ग हड़ताल का विरोध कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति बनाने में जुटा हुआ है।
हड़तालियों के मंसूबे देख हड़ताल का विरोध कर रही महानगर कैमिस्ट एसोसिएशन ने सोमवार को भी दवा बाजारों में प्रभावी जुलूस निकाल कर 20 मई को दुकानें खुली रखने का ऐलान कर दिया। जुलूस में शामिल थोक और रिटेल दवा विक्रेता हड़ताल के विरोध और दुकानें खुली रखने के समर्थन में तख्तियां लिए हुए थे। इस दौरान कहा गया कि हड़ताल का समर्थन करने वाले लोग अन्य दुकानदारों को डरा-धमका रहे हैं, लेकिन वे किसी धमकी में नहीं झुकेंगे। संस्था अध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि दवा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आती है कोई भी डराता है या धमकाता है तो ड्रग विभाग में लिखित शिकायत करें, विभाग तुरंत ऐसे लोगों पर कार्यवाही करेगा।
व्यापारियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह लड़ाई ऑनलाइन दवा कंपनियों के विरोध में है। वहीं हड़ताल का विरोध कर रहे व्यापारियों का कहना है कि नम्बर दो का व्यापार करने वाले ही ऑनलाइन कंपनियों से खतरा महसूस कर रहे हैं। नम्बर एक का काम करने वालों को कोई परेशानी नहीं है। ऐसे दवा व्यापारियों के बीच आपसी खिंचाव तो काफी समय से चल रहा था, लेकिन हड़ताल को लेकर खुलकर सामने आ गया है। व्यापारियों के बीच यह दो-फाड़ होने की स्थिति केवल शहर में ही नहीं अन्य जिलों में भी है।
___________________________________
Post a Comment
0 Comments