Agra News: खबरें आगरा की...
201 लोगों को खोये मोबाइल फोन लौटाए, खिल उठे चेहरे
आगरा, 27 मई। कमिश्नरेट पुलिस ने विगत 02 माह में गुम हुए 201 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए। इन मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत ₹88.70 लाख बताई गई है। गुम हुए मोबाइल फोन पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने मीडिया को बताया कि CEIR पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं तकनीकी विश्लेषण की सहायता से सर्विलांस सेल, सभी थानों एवं सीसीटीएनएस सेल द्वारा इन मोबाइल फोनों को बरामद किया गया।
डीसीपी सिटी ने लोगों से अपील की कि वे अपना मोबाइल फोन गुम हो जाने की सूचना जल्द से जल्द CEIR पोर्टल पर दर्ज कराएं। इससे पुलिस को उसे ट्रेस करने में आसानी होगीं
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गोवंश चोरों से मुठभेड़, एक पैर के पुलिस की गोली लगी
आगरा, 27 मई। थाना अछनेरा पुलिस ने मंगलवार और बुधवार की रात दो संदिग्ध बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। पुलिस चेकिंग के दौरान बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षार्थ पुलिस ने भी गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
थाना अछनेरा क्षेत्र में हुई गोवंश चोरी की घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी क्रम में 26 और 27 मई 2026 की रात्रि में एक बजे पुलिस टीम सांधन तिराहे के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी गल्ला मंडी की ओर से दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम द्वारा उन्हें रुकने का इशारा कर पूछताछ करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों बदमाशों ने अचानक पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया और भागने लगे। अचानक हुई फायरिंग से पुलिसकर्मी हड़बड़ा उठे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मोर्चा संभाला और आत्मसुरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस की गोली एक बदमाश के पैर में जा लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। घायल बदमाश की पहचान निजामुद्दीन उर्फ नुईया पुत्र हुकूमुदीन के रूप में हुई है। वहीं उसका साथी रिहान पुत्र अबरार को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया।
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ऑटो चालक ने दिखाई ईमानदारी, यात्री का बैग स्टेशन पहुंचकर लौटाया
आगरा, 27 मई। शहर के एक ऑटो रिक्शा चालक ने अपनी ईमानदारी की मिसाल पेश की। एसओएस (सोल्जर्स ऑफ सोसाइटी) से जुड़े ऑटो चालक सतीश राजपूत ने सतना से आए यात्री राकेश मिश्रा का बैग ऑटो रिक्शा में छूट जाने के बाद न केवल उसे सुरक्षित रखा, बल्कि खुद स्टेशन पहुंचकर बैग यात्री तक पहुंचा दिया।
सतना निवासी राकेश मिश्रा आगरा आए हुए थे। यात्रा के दौरान उनका बैग ऑटो में ही छूट गया था। कुछ समय बाद ऑटो चालक सतीश राजपूत की नजर बैग पर पड़ी। उन्होंने ईमानदारी से बैग को सुरक्षित रखा और ऑटो को फिर से स्टेशन की ओर मोड़ दिया। चालक सतीश राजपूत ने यात्री की तलाश शुरू कर दी। उधर यात्री राकेश मिश्रा को भी स्टेशन पहुंचने पर अहसास हुआ कि वे अपना बैग ऑटो में ही छोड़ आए हैं।
परेशान राकेश मिश्रा स्टेशन के बाहर आए। उधर सतीश राजपूत भी उन्हें ही तलाश रहे थे। राकेश मिश्रा के नजर आते ही उनका बैग सकुशल वापस सौंप दिया। अपना सामान सुरक्षित मिलने पर यात्री ने राहत की सांस ली और ऑटो चालक की जमकर सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
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बिल्डर को मृत दर्शाने पर विजिलेंस इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
आगरा, 27 मई। नगर निगम की जमीन पर दुकानें बनाने वाले बिल्डर को मृत दर्शाने वाले तत्कालीन विजिलेंस इंस्पेक्टर अभय सिंह के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नूरी गेट के रहने वाले बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल ने साल 2004 में फव्वारा में 20 से अधिक दुकानें बनाई थीं, आरोप था कि इनमें से कुछ दुकानें नगर निगम की जमीन पर बनाई गईं थी। इसकी शिकायत शासन में की गई, शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने जांच की और विजिलेंस की तरफ से कोतवाली थाने में साल 2006 में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, कूटरचित प्रपत्र बनाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले में 18 आरोपी बनाए गए, विवेचना विजिलेंस इंस्पेक्टर अभय सिंह को दी गई। उन्होंने 2015 में विजिलेंस मुख्यालय में अंतिम आख्या प्रेषित की। इसमें बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल को मृत दर्शा दिया। साल 2022 तक सभी 17 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया, लेकिन विवेचना बंद नहीं हुई। विवेचना में सामने आया कि बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल जिंदा है। इंस्पेक्टर अभय सिंह भी रिटायर हो चुके हैं, जांच में सामने आया कि इंस्पेक्टर ने बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल के घर के आसपास के लोगों से पूछताछ नहीं की। नगर निगम के अमीन गणेश नारायन के बयान दर्ज कर बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल को मृत दर्शा दिया। इस मामले में 28 फरवरी 2017 में रिटायर हो चुके इंस्पेक्टर अभय सिंह वर्तमान में आरके पुरम ताजनगरी फेस टू में रह रहे हैं। एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा के अनुसार, तत्कालीन विवेचक अभय सिंह के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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