अग्रवाल महासभा के चुनावों को कहा असंवैधानिक, 45 लोगों ने की सोसायटी रजिस्ट्रार से शिकायत, निरस्त करने की मांग
आगरा, 30 मई। अग्रवाल महासभा आगरा संस्था के विगत दिनों संपन्न दिवार्षिक चुनाव 2026-28 की प्रक्रिया में चुनाव समिति द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। महासभा के संस्थापक सदस्यों, प्रत्याशियों व आजीवन सदस्यों सहित कुल 45 लोगों ने शुक्रवार को उप निबंधक फर्म्स, सोसायटी एवं चिट्स कार्यालय में शिकायत कर चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त करने की मांग की।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव समिति ने संविधान सम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किया। आरोप है कि चुनाव समिति के महेश गोयल, महेंद्र बंसल, फूलचंद बंसल, जीवनलाल मित्तल एवं अशोक अग्रवाल द्वारा संवैधानिक प्रक्रिया न अपनाते हुए प्रत्याशियों से लिए नामांकन पत्रों को दरकिनार करते हुए अपनी मनमर्जी से कार्यसमिति का चयन कर दिया। इसके प्रति समाज में भारी रोष है।
आरोप लगाया गया है कि चुनाव समिति ने प्रत्याशियों से नामांकन पत्र लेने के बावजूद मतदान, सहमति, नाम वापसी व लाटरी जैसी वैधानिक प्रक्रिया अपनाए बिना मनमाने ढंग से कार्यकारिणी गठित कर शपथ दिला दी। जबकि सामाजिक संस्थाओं में चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी व लोकतांत्रिक होनी चाहिए। चुनाव अधिकारियों ने एकतरफा निर्णय लेकर संगठन की परंपराओं और संविधान की अनदेखी की।
आरोप यह भी है कि उप निबंधक कार्यालय में दर्ज आजीवन सदस्यों की सूची में कथित रूप से हेरफेर कर सुविधानुसार नई सूची तैयार की गई, जो पूर्णतः अवैध है। इन आरोपों के साथ शिकायतकर्ताओं ने उप निबंधक से मांग की है कि वर्तमान कार्यकारिणी शून्य घोषित की जाए, क्योंकि पूर्व कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और नई कार्यकारिणी विवादों में घिरी हुई है। साथ ही, नई वैधानिक कार्यकारिणी के गठन तक महासभा के बैंक खातों से नकद निकासी पर रोक लगाई जाए, चुनाव प्रक्रिया निरस्त कर सरकारी चुनाव अधिकारी नियुक्ति कर पुनः निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।चुनाव समिति पर लगे आरोपों में नामांकन पत्रों की बिक्री से प्राप्त धनराशि का भी विवरण न देने का आरोप लगाया गया है तथा महासभा की धनराशि में अमानत में खयानत करने की आरोप लगे हैं।
शिकायतकर्ताओं द्वारा उप निबंधक से निवेदन किया गया है कि वर्तमान चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक मानते हुए रद्द किया जाए एवं सरकारी चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर नवीन चुनाव प्रक्रिया अमल में लाई जाए। इस बारे में निर्वाचन अधिकारी के यहां पूर्व में भी पांच सदस्यों द्वारा व्यक्तिगत रूप से आवेदन किया जा चुका हैं जिनके उत्तर में उनके द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं को उप निबंधक द्वारा कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया तथा चुनाव अधिकारी गण एवं विगत सत्र के महामंत्री को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
_________________________________________

Post a Comment
0 Comments