बड़ा हादसा: वृन्दावन में पीपों के पुल से टकराकर श्रद्धालुओं की नाव यमुना में पलटी, दस डूबे, पंद्रह को सुरक्षित बचाया
आगरा, 10 अप्रैल। पड़ोसी जनपद मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। लुधियाना से वृंदावन घूमने आए 25 से 30 श्रद्धालुओं से भरी नाव यमुना नदी में पलट गई। सभी श्रद्धालु नदी में डूब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग बचाने के लिए दौड़े। पुलिस और गोताखोर भी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में राहत बचाव कार्य शुरू कराया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक दस लोगों के शवों को बरामद किया जा चुका है, जबकि 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अन्य की तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। एनडीआरएफ और सेना की भी मदद ली जा रही है।
हादसे का प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया। उन्होंने हादसे का दु:ख जताते हुए सभी अफसरों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
खबरों के अनुसार, यह हादसा यमुना नदी में केसी घाट के निकट श्रद्धालुओं से भरी एक नाव के पोंटून पुल के पीपे से टकरा जाने के कारण हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने बिना देर किए बचाव अभियान शुरू कर दिया। कई एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गईं। गोताखोर श्रद्धालुओं को नदी से बाहर निकालने में जुट गए। दुर्घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे बचाव कार्य में बाधा आई।
बताया गया है कि 150 लोगों का दल लुधियाना, पंजाब और मुक्तेश्वर से आया था और हादसे का शिकार लोग इसी दल का हिस्सा थे। श्रद्धालुओं का जत्था दोपहर करीब ढाई बजे नाव पर सवार हुआ था। कुछ ही दूर चलने के बाद नाव अंसतुलित होकर नदी में पलट गई। इससे घाट पर अफरा-तफरी मच गई। लोग बचाने के लिए चिल्लाने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा नदी में पड़े पीपे से नाव के टकराने के बाद हुआ। दरअसल यहां पीपों का पुल बनाया गया था। नदी का जलस्तर बढ़ने पर पीपे खोल दिए गए हैं, जो नदी में इधर-उधर पड़े हैं।
हादसे के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। डीएम, एसएसपी और डीआईजी ने मौके का जायजा लिया और घायलों को अस्पताल भिजवाया। मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से राहत कार्य जारी है। एनडीआरएफ और सेना को भी बुलाया गया। अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया गया। सभी घायलों का मुफ्त में इलाज कराया जाएगा।
जिले की एसडीएम ऋतु सिरोही ने हादसे की वजह ओवरलोड बताया। उन्होंने कहा, नाव पर जरूरत से ज्यादा लोग सवार थे। अब तक दस लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। गोताखोर टीम यमुना में लापता लोगों की तलाश कर रही है।
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