गुरुवर संगीत समारोह में कोलकाता के पं. अर्नब चटर्जी के शास्त्रीय गायन ने कराई आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति
आगरा, 03 अप्रैल। केंद्रीय हिंदी संस्थान में शुक्रवार की शाम कोलकाता से आए सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पं. अर्नब चटर्जी ने मनमोहक प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीत लिया। मौका था गुरुवर संगीत समारोह का।
पं. अर्नब ने अपनी प्रस्तुति में आध्यात्मिक ऊर्जा का श्रोत माने जाना वाला राग रागेश्री में विलम्बित ख्याल "आज मिल रघुनाथ दाता,आनंद बधावा..." जो विलम्बत एक ताल में निबंध रचना थी, से अपना गायन प्रारंभ किया- तीन ताल मध्य लय में "सुन्दर नवेली नार ,कर श्रृंगार..." बन्दिश के उपरान्त द्रुत एक ताल में भगवान कृष्ण की राधा संग बरजोरी को दर्शाती बन्दिश "देखो श्याम गहलीनो बैया मोरी ,आली..." की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
तत्पश्चात ऋतुओं के राजा राग बहार के माध्यम से उन्होंने प्रकृति में नव ऊर्जा और उल्लास का अद्भुत संचार किया। “सकल बन फूल रहे सरसों ,करसूं ले जैयो घरवा...” जैसी मनोहारी बंदिश की सुंदर प्रस्तुति ने श्रोताओं के मन को प्रफुल्लित कर दिया। अपनी प्रस्तुति के अंतिम चरण में राग खमाज की ठुमरी “प्रेम अगनवा जिया जलावे...” के माध्यम से भावों की गहराई को स्पर्श करते हुए श्रोताओं के हृदय में प्रेम और अनुराग की तरंगें उत्पन्न कर दीं।
दिल्ली से आए ख्याति प्राप्त तबला वादक दुर्जेय भौमिक ने गंभीर और अति संतुलित संगत की, जिससे राग की गहराई और भी बढ़ गई, संवादिनी पर मधुर संगत पंडित टी. रविन्द्र द्वारा की जा रही थी।
कार्यक्रम में स्थानीय युवा कलाकार सागर जग्गी ने भी राग शुद्ध कल्याण शास्त्रीय गायन से प्रभावित किया। उनके साथ तबले पर हरिओम माहौर एवं संवादिनी पर डॉ. राहुल निवेरिया द्वारा सफल संगत की गई। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संगीतालय के 50 छात्र-छात्राओं द्वारा राग हेमंत में स्वरबद्ध एक सुंदर 'सरस्वती वंदना' से की गई, भानु प्रताप सिंह ने तबला संगत एवं डॉ. वंदना वरुण ने हारमोनियम संगत की।
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल वर्मा थे। अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईपीएस बबीता साहू द्वारा की गई। संस्था के संरक्षक पं. नरेश मल्होत्रा, सचिव अशोक राव करमरकर ने भी विचार व्यक्त किए। प्रधानाचार्य गजेंद्र सिंह चौहान ने स्वागत भाषण दिया। संस्था के संरक्षक स्व. कुंवर चन्द भूषण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंच संचालन लीना परमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजिका संजीवनी द्वारा किया गया।
मीडिया समन्वयक डॉ. महेश धाकड़ के मुताबिक कार्यक्रम में बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की अवकाश प्राप्त विभागाध्यक्ष डॉ. अमिता त्रिपाठी, डॉ. गिरधर शर्मा, विलास पालखे, वीना छाबड़ा, संस्कार भारती के राज बहादुर राज, यतेन्द्र सोलंकी, ललित कला अकादमी की सदस्य आभा सिंह गुप्ता, रितु-रजनीश खण्डेलवाल, विजय पाल सिंह, दिलीप रघुवंशी, पं. देवाशीष चक्रवर्ती, पं. सदानंद ब्रह्मभट्ट, प्रतिभा तलेगांवकर, प्रहलाद, डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, रवि अग्रवाल, प्रार्थना, ललिता आहूजा, गीता मलहोत्रा, परमानंद, अरविंद दोहरे आदि भी शामिल रहे।
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