आंधी ने शहर और देहात में मचाई तबाही, कई मकान क्षतिग्रस्त, महिला, पुरुष, बच्चे घायल, बिजली ठप्प

आगरा, 03 अप्रैल। शुक्रवार रात्रि आई भयंकर आंधी, तूफान, बारिश और ओलावृष्टि शहर से लेकर देहात तक तबाही मचा दी। शहर में अनेक स्थानों पर होर्डिंग और पेड़ गिरने की खबर है तो देहात में एक दर्जन से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। अकेले फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में आधा दर्जन मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है। हादसों में करीब आधा दर्जन महिला, पुरुष और बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
आधी बारिश के कारण शहर के अधिकांश क्षेत्रों को विद्युतापूर्ति ठप्प हो गई। रात्रि करीब साढ़े आठ बजे बंद हुई आपूर्ति कई क्षेत्रों में रात 11.30 बजे तक चालू नहीं हो सकी थी। विद्युत वितरण कंपनी टोरेंट पावर के उपाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि अचानक मौसम खराब होने की वजह से एहतियाती तौर पर विद्युतापूर्ति बंद करनी पड़ी। कई जगह होर्डिंग और पेड़ गिरने की सूचना प्राप्त हुई, उसको युद्ध स्तर पर ठीक करके आपूर्ति को चालू किया जा रहा है। 
आंधी के चलते फतेहपुर सीकरी ब्लॉक के कई संपर्क मार्गों पर बड़े पेड़ और डालियां टूटकर गिर गईं। इससे गांवों के बीच आवागमन में भारी परेशानी हुई। ग्राम पंचायत मई में कई कच्चे और कमजोर मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान दो मकान पूरी तरह धराशायी हो गए। घरों में मौजूद लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और निजी साधनों से अस्पताल पहुंचाया।
ग्राम मई में आबिद पुत्र सैदपुर, सफीक, रफी, मंगल पुत्र बलराम, धर्मवीर पुत्र अर्जुन, पिंकी पुत्री रनवीर के मकान क्षतिग्रस्त हुए। तेज हवा और बारिश के चलते कई मकानों की छतें, दीवारें और टिन शेड उखड़ गए। कुछ मकानों में दरारें आने से लोग दहशत में रातभर घरों से बाहर रहने को मजबूर रहे।
हादसे में नूरजहां पुत्री इस्लाम, सफीक पुत्र गफ्फार, मुस्कान पुत्री अरमान, सुल्तान, जोया पुत्री शाहरुख, एजाज पुत्र रुस्तम घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर सीकरी में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मौसम की मार से नगला दधराम और गुर्जर पुरा से भी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। वहां कई स्थानों पर मकानों की टिन शेड उड़ गईं, पेड़ उखड़कर गिर गए और बिजली और आवागमन व्यवस्था प्रभावित हुई। ग्रामीणों ने बताया कि कई जगहों पर पेड़ सड़क पर गिरने से रास्ते बंद हो गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
आंधी-तूफान और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक कटी हुई गेहूं की फसल भीगकर खराब हो गई। कई खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को ओलों से नुकसान पहुंचा। 
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