ऐतिहासिक उपलब्धि: एस.एन. मेडिकल कॉलेज में पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी, 13 वर्षीय किशोर को मिला नया जीवन
आगरा, 04 अप्रैल। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के इतिहास में शनिवार को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। कॉलेज के CTVS विभाग ने पहली बार सफलतापूर्वक ओपन हार्ट सर्जरी कर एक 13 वर्षीय किशोर की जान बचाई। यह जटिल और उच्च जोखिम वाला ऑपरेशन आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ। यह पहली ओपन हार्ट सर्जरी आगरा के चिकित्सा जगत के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है।
प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने CTVS टीम को बधाई देते हुए "संसाधनों और संकल्प की जीत" बताया। उन्होंने कहा कि यह एस.एन. मेडिकल कॉलेज के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है। उन्होंने कहा, "आज हमारे संस्थान ने वह मुकाम हासिल किया है जो अब तक केवल बड़े मेट्रो शहरों के कॉर्पोरेट अस्पतालों तक सीमित था। एक 13 साल के बच्चे की जान बचाना हमारे डॉक्टरों की काबिलियत का प्रमाण है।"
उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य एस.एन. मेडिकल कॉलेज को सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं का केंद्र बनाना है ताकि आगरा और आसपास के जिलों के किसी भी गरीब मरीज को इलाज के अभाव में दिल्ली या जयपुर न भागना पड़े। प्रशासन की ओर से CTVS विभाग को अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हर संभव 'अनकंडीशनल सपोर्ट' मिलता रहेगा ताकि भविष्य में ऐसे और भी जटिल ऑपरेशन यहाँ निरंतर सफल हो सकें।"
क्या थी बीमारी और क्यों था जोखिम?
मरीज 'कांस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डिटिस' से पीड़ित था, जिसमें हृदय के ऊपर मवाद की सख्त परत जमने से वह सही से पंप नहीं कर पा रहा था। डॉ. अतुल कुमार गुप्ता (MCH, प्रोफेसर एवं हेड, CTVS) ने बताया कि धड़कते हुए दिल से उस परत को अलग करना तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। इस सर्जरी में 50% तक जान जाने का जोखिम रहता है, जिसे कॉलेज की टीम ने सफलतापूर्वक पार किया।
इनकी रही मुख्य भूमिका
एनेस्थीसिया टीम: डॉ. दीपक और डॉ. मिहिर के विशेष सहयोग से सर्जरी को अंजाम दिया गया।
सर्जिकल एवं ओटी टीम: प्रोफेसर एवं हेड CTVS विभाग डॉ अतुल कुमार गुप्ता, डॉ. शिव (SR), डॉ. शुभांशु, डॉ. सुलभ, डॉ आरती, तकनीशियन सचिन और मोनू।
पोस्ट-ऑपरेटिव केयर: सुपरस्पेशलिटी आईसीयू में डॉ. आकांक्षा और डॉ. सौम्या गुप्ता ने अपनी निगरानी में मरीज को 'हाई रिस्क' जोन से बाहर निकाला।
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