रोज़गार, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात पर स्पष्ट फोकस करने वाला बजट - केंद्रीय मंत्री बघेल
आगरा, 01 फरवरी। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री और आगरा के सांसद प्रो एसपी सिंह बघेल ने संसद में रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट को रोज़गार, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात पर स्पष्ट फोकस करने वाला बताया है।
बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रो बघेल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 आम आदमी की रोज़मर्रा की महंगाई को सीधे प्रभावित नहीं करता, क्योंकि अब सस्ता-महंगा तय करने वाले एक्साइज और सर्विस टैक्स बजट का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे जीएसटी के अंतर्गत आते हैं, जिसका संचालन अलग व्यवस्था के तहत होता है। उन्होंने कहा कि यह बजट मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश के माध्यम से विकास को मजबूती दी गई है और वित्तीय घाटे को 4.3% तक सीमित रखकर सरकार ने वित्तीय अनुशासन का स्पष्ट संदेश दिया है। साथ ही, कॉरपोरेट टैक्स में आगे कमी कर उद्योग और निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। रोज़गार सृजन के दृष्टिकोण से बजट में MSME सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। टैक्सटाइल के साथ-साथ लैदर और फुटवियर उद्योग—जो MSME के अंतर्गत आते हुए रोजगार की रीढ़ माने जाते हैं, के लिए निर्यात को बढ़ावा देने वाले महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
सरकार द्वारा IGCR स्कीम के अंतर्गत इनपुट्स की सूची का विस्तार किया गया है, जिसके तहत अब जूते के अपर (Shoe Uppers) के निर्यात के लिए बिना ड्यूटी आयात की सुविधा उपलब्ध होगी। यह निर्णय लैदर और फुटवियर उद्योग की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश को और मजबूत बनाएगा।
कुल मिलाकर, बजट 2026–27 अल्पकालिक लोकलुभावन उपायों के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती, निवेश, निर्यात और रोजगार पर केंद्रित एक संतुलित और दूरदर्शी बजट है।
प्रो बघेल ने बजट में टैक्स और व्यक्तिगत वित्त के बारे में कहा कि नया आयकर अधिनियम (New Income Tax Act): 1 अप्रैल, 2026 से नया 'आयकर अधिनियम 2025' लागू होगा, जिसका उद्देश्य कर नियमों को सरल बनाना और विवादों को कम करना है। विदेशी टूर पैकेज पर TCS को 5%--20% से घटाकर 2% कर दिया गया है। साथ ही कई सेवाओं के लिए TDS दरों को सुव्यवस्थित (2%) किया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक ब्याज आदि पर टैक्स छूट की सीमा (80TTB) को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन कृषि आय का लगभग 16% योगदान देता है। बजट में 20,000+ पशु चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना के माध्यम से वेटरनरी व पैरावेट कॉलेज, पशु चिकित्सालय, डायग्नोस्टिक लैब, प्रजनन सुविधाओं की स्थापना, पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता विकास, डेयरी व पोल्ट्री सहित इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन को बढ़ावा और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों (Livestock FPOs) को प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। साथ ही मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास, तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करना, स्टार्ट-अप, महिला-नेतृत्व समूहों और Fish Farmer FPOs के लिए बाज़ार संपर्क का भी प्रावधान है। भारतीय मछली पकड़ने वाले जहाज़ों द्वारा भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) तथा खुले समुद्र (High Seas) में पकड़ी गई मछली को सीमा शुल्क (Customs Duty) से मुक्त किया जाएगा। ऐसी मछली यदि विदेशी बंदरगाहों पर उतारी जाती है, तो उसे निर्यात (Export) के रूप में माना जाएगा।
प्रो बघेल ने बजट में शहरी आर्थिक क्षेत्र (CER): चयनित शहरों के विकास के लिए 5 साल तक प्रति शहर ₹5,000 करोड़ का फंड दिया जाने की घोषणा सहित अन्य प्रावधानों को भी विकासपरक बताया।
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