राजनेताओं ने बजट को सराहा, उद्यमियों, समाजसेवियों की मिलजुली प्रतिक्रिया

अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला बजट - नवीन जैन 
आगरा, 01 फरवरी। राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला, और दूरदर्शी बजट बताया है।
सांसद जैन ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप्स और नई तकनीक को प्रोत्साहन देने वाले प्रावधान भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत कदम हैं। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और किफायती दवाओं से जुड़े निर्णय आम जनता को सीधा लाभ देंगे।
उन्होंने कहा कि यह बजट किसान, मध्यम वर्ग और उद्यमियों की अपेक्षाओं को संतुलित तरीके से संबोधित करता है और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सशक्त बनाता है। साथ ही विश्वास जताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 देश की विकास यात्रा को तेज करेगा और आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाएगा।
_________________________________________
विकास की दिशा तय करेगा बजट– विजय शिवहरे
आगरा, 01 फरवरी। विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि नई सदी के भारत की रफ्तार तय करने वाला रोडमैप है। बजट में गरीब का सम्मान, किसान की ताकत, युवा का भविष्य और महिलाओं के सशक्तिकरण की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, तकनीक और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ प्रस्तुत यह बजट हर मोर्चे पर विकास की गूंज को मजबूत करता है। 
_________________________________________
बजट ऊँट के मुँह में जीरा, चैंबर के सुझावों को शामिल करने पर हर्ष 
आगरा, 01 फरवरी। नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स यूपी आगरा की रविवार को हुई बैठक में संसद में पेश बजट को ऊँट के मुँह में जीरा बताया गया। हालांकि बजट के लिए चैंबर द्वारा भेजे गए सुझावों को शामिल किए जाने पर हर्ष जताया गया। 
बैठक में कहा गया कि रिवाइज्ड रिटर्न फाइलिंग की तिथि को बढ़ाकर 31 दिसम्बर से 31 मार्च फीस के साथ किये जाने के चैम्बर के सुझाव को मान लिया गया। आयकर के अस्स्मिेंट की डिमांड 20 प्रतिशत को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया। चेरिटेवल ट्रस्ट आयकर विवरणी फार्म 7 की सरलीकरण की मांग को स्वीकारा गया। धारा 115 बीबीई कर की दर 60 प्रतिशत बहुत अधिक है उसे मानते हुए 30 प्रतिशत कर दिया गया है।  बैठक में कहा गया कि नया फार्म 7 को बनाने की घोषणा से करदाताओं को आ रही समस्याएं दूर होंगी। 
बजट प्रावधानों पर चर्चा करते हुए कहा गया कि मोटर व्हीकल में अंतर्गत मिलने वाला मुआवजा पर टैक्स नहीं लगेगा। विदेश पैसा भेजने के लिये एजूकेशन और मेडिकल ट्रीटमेंट और विदेषी यात्रा पर पहले 5 प्रतिशत टीसीएस लगता था वह अब कम करके 2 प्रतिशत कर दिया गया है। फ्यूचर आप्शन की ट्रेडिंग में 01 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है यह निराशाजनक है। जूते पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना स्वागत योग्य है। 
नेशनल सेविंग स्कीम (एनएसएस) एकाउंट में से 29 अगस्त 2024 के बाद हुए आहरण पर टैक्स नहीं लगेगा। प्रमुख औद्योगिक लॉजिस्टक केन्द्रों के लिये 5 विश्व विद्यालय टाउनशिप की स्थापना करेंगे। बैठक में कई अन्य प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। चर्चा में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, अनिल वर्मा, मनीष अग्रवाल, अतुल गुप्ता, श्रीकिशन गोयल सदस्य नीतेश अग्रवाल, राजेन्द्र अग्रवाल, दीपक महेश्वरी, मयंक मित्तल, मनोज गुप्ता, राकेश चौहान, सतीश अग्रवाल, राजकिशोर खंडेलवाल, गिरीश चंद गोयल, प्रार्थना जालान उपस्थित थे।
_________________________________________
बजट व्यापारियों के हित में नहीं- गिरीश गोयल 
आगरा, 01 फरवरी। आगरा मंडल व्यापार संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष और नेशनल चैम्बर के पूर्व उपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष गिरीश चंद्र गोयल ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट व्यापारियों के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस बजट में छोटे और मध्यम व्यापारियों को कोई ठोस राहत नहीं दी गई। करों का बोझ कम करने के बजाय अनुपालन की जटिलताएँ बढ़ा दी गई हैं। महंगाई और बढ़ती लागत के मुकाबले कोई प्रभावी सहायता नहीं दिखाई देती। कुल मिलाकर यह बजट व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करता है। साथ ही कहा कि यह बजट भारतीय नही बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दवाब में बनाया गया एक विदेशी बजट प्रतीत होता है। इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता नहीं दी गई है। नीतियाँ देशी व्यापार, किसान और आम जनता के हितों से कटती हुई नजर आती हैं। विदेशी शक्तियों को खुश करने की कोशिश अधिक दिखाई देती है। इसी कारण यह बजट भारतीय कम और विदेशी ज्यादा लगता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट श्रमिकों के हितों की अनदेखी करता है। मजदूरी, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर कोई ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं। पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों इसमें साफ नजर आती हैं। मेहनतकश वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया है। इसलिए यह बजट श्रमिक-विरोधी और पूंजीवादी बजट कहा जा सकता है।
_________________________________________
उद्योगों के लिए एक अच्छा कदम - कोहली
आगरा, 01 फरवरी। एफ ए एफ एम के अध्यक्ष कुलदीप सिंह कोहली ने बजट पर कहा कि वित्त मंत्री ने चमड़ा निर्यात क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले विशिष्ट इनपुट के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य निर्यातकों के लिए कच्चे माल की लागत कम करना और वैश्विक टैरिफ के खिलाफ प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना है। कुल मिलाकर यह उद्योगों के लिए एक अच्छा कदम है।
_________________________________________
मोटर वाहन सड़क दुर्घटना के दावेदारों के लिए राहत भरा कदम - के सी जैन 
आगरा, 01 फरवरी। वरिष्ठ अधिवक्ता के सी जैन ने कहा है कि बजट में सरकार द्वारा महत्वपूर्ण और मानवीय प्रस्ताव किया गया है, जिसके अंतर्गत मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़ित व्यक्ति या उसके परिवार को दिए गए मुआवज़े पर मिलने वाला ब्याज अब आय नहीं माना जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस ब्याज पर कोई भी आयकर नहीं लगेगा और न ही बीमा कंपनी या कोई अन्य संस्था इस पर टीडीएस (Tax Deducted at Source) काट सकेगी। यह स्पष्ट किया गया है कि यह राहत केवल प्राकृतिक व्यक्ति (natural person) के लिए लागू होगी, जैसे कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति, मृतक की पत्नी, बच्चे या अन्य आश्रित। यह सुविधा किसी कंपनी, एलएलपी (LLP), ट्रस्ट, सोसाइटी या किसी अन्य कृत्रिम व्यक्ति (artificial person) को नहीं दी जाएगी। यानी यदि कोई व्यावसायिक संस्था मुआवज़े की हकदार है, तो उस पर यह छूट लागू नहीं होगी। यह प्रावधान विशेष रूप से आम नागरिक और पीड़ित परिवार को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
_________________________________________
वरिष्ठजनों को देखभाल अच्छी पहल- गिरीश गुप्ता 
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन सम्मान समिति के सह संस्थापक एव सेवा प्रमुख डा.गिरीश सी गुप्ता ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें वरिष्ठजनों की सेवा, देख-रेख के लिए सेवकों को तैयार करने का प्रावधान किया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं कि यह देख-रेख ऐसे लाखों वरिष्ठ नागरिकों तक कैसे पहुंचेगी इसका कैसा स्वरूप होगा। लेकिन यह देख-रेख बहुत आवश्यक हैं और इसके लिए प्रावधानों का यह आरम्भ है।
_________________________________________


ख़बर शेयर करें :

Post a Comment

0 Comments