आगरा के लिए दीर्घकालिक और समग्र पर्यटन नीति विकसित करने की जरूरत
आगरा, 24 फरवरी। ताज महोत्सव के अंतर्गत ‘आगरा बियॉन्ड ताज’ विषयक सेमिनार का आयोजन फतेहाबाद मार्ग स्थित एक होटल में किया गया। ‘सतत शहरी विकास, विरासत संरक्षण और पर्यटन संवर्धन का एकीकरण’ विषय पर केंद्रित इस सेमिनार में मुख्य वक्ता प्रो. प्रेम कुमार कालरा (वरिष्ठ निदेशक, डीईआई विश्वविद्यालय) ने कहा कि आधुनिक समय में पर्यटन केवल घूमने तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास, संस्कृति, सभ्यता और मानवीय उपलब्धियों को अनुभव करने का माध्यम बन चुका है। आज का पर्यटक मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा, व्यवसाय और सांस्कृतिक जुड़ाव भी चाहता है। उन्होंने आगरा के लिए दीर्घकालिक और समग्र पर्यटन नीति विकसित करने पर बल दिया।
वक्ता प्रो. रुपाली सत्संगी ने यमुना पार स्थित कछपुरा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां पत्थरों पर उकेरे गए अवशेष आज भी मुगलकालीन इतिहास की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि यमुना नदी मुगलकालीन आगरा के विकास की आधारशिला रही है और इसके किनारे बसे क्षेत्र आज भी उस दौर के साक्ष्य हैं।
पर्यटन व्यवसाई अरुण डंग ने शहर के ऐतिहासिक बाजारों से जुड़े रोचक तथ्य साझा किए। उन्होंने बताया कि मुगलकाल में हींग के व्यापार के कारण ‘हींग मंडी’ नाम प्रचलित हुआ और नौ लाख पेड़ों के कारण एक क्षेत्र ‘नौलक्खा बाजार’ कहलाया। जूता एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि उद्योग और विरासत के बीच संतुलन स्थापित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
स्पीहा के संस्थापक सदस्य राजीव नारायण ने ताजमहल से आगे एक बहुआयामी सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसी क्रम में मंच से डॉ. डी.वी. शर्मा ने अपनी 20 एकड़ भूमि में से 12 एकड़ पर ज्योतिर्लिंग निर्माण तथा शेष 8 एकड़ पर्यटन विभाग को दान देने की पेशकश की, जिससे एक ही स्थान पर बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन संभव हो सकें।
टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ ने कहा कि शहर की पहचान केवल ताजमहल तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शहर की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक बाजार, औद्योगिक क्षमता और सतत विकास की योजनाएं मिलकर इसे एक वैश्विक और बहुआयामी पर्यटन केंद्र बना सकती हैं। कार्यक्रम में हरी सुकुमार, राजीव सक्सेना, विवेक शर्मा, देवाशीष भौमिक, केशो मेहरा और अरविंद राय ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलम मेहरोत्रा ने किया। इस अवसर पर रजनी नायर, रुचिरा माथुर, राजेश शर्मा, डॉ पंकज महेन्द्रू, रिचा बंसल, विमल गोयल, राजेश गोयल उपस्थित रहे।
_________________________________________
Post a Comment
0 Comments