सैनिक स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य आगरा के कर्नल राजेश राघव विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित

आगरा, 24 फरवरी। देहरादून स्थित 14 डिवीजन मुख्यालय क्लेमेंट टाउन में, केंद्रीय कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेन गुप्ता, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण प्रयासों के लिए उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल लखनऊ के पूर्व प्रिंसिपल कर्नल राजेश राघव को विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) प्रदान किया।
कर्नल राजेश राघव 7 दिसंबर 1996 को सेना शिक्षा कॉर्म्स में कमीशन प्राप्त हुए। वे एक किसान परिवार से आते हैं और उन्होंने आगरा से 12वीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त की। वे न केवल पढ़ाई में अच्छे थे, बल्कि युवावस्था में एक उत्कृष्ट खिलाड़ी भी थे और टेबल टेनिस के शानदार खिलाड़ी थे। उन्होंने तीन बार राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें तीन बार सेना कमांडर का प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुआ है और उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए भारतीय सेना प्रमुख द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है।
शिक्षा कॉर्म्स के अधिकारी के रूप में कर्नल राघव ने विभिन्न संस्थानों और रक्षा संगठनों में अपनी सेवाएं दीं। अजमेर का मिलिट्री स्कूल, छित्तोगढ़ का सैनिक स्कूल, तिलैया का सैनिक स्कूल और लखनऊ का यूपी सैनिक स्कूल प्रमुख संस्थान थे, जहां उन्होंने संस्था प्रमुख के रूप में कार्य किया और उपर्युक्त संस्थानों के स्तर को ऊपर उठाने के लिए महत्वपूर्ण, दीर्घकालिक और क्रांतिकारी परिवर्तन किए। कर्नल राजेश राघव को राजस्थान के झुंझुनू और गोरखपुर के सैनिक स्कूल के संस्थापक प्रधानाचार्य होने का गौरव प्राप्त है। इन दोनों स्कूलों की परिकल्पना और निर्माण कार्य उनके कुशल मार्गदर्शन में ही संपन्न हुए। उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल लखनऊ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 
उनके कार्यकाल में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुए और 50 से अधिक कैडेट राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल हुए, जो किसी भी प्रधानाचार्य के लिए एक असाधारण उपलब्धि है। उनके कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय स्तर की कई गणमान्य हस्तियों ने परिसर का दौरा किया। 
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