डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 72 वर्षीय वृद्धा 33 लाख की ठगी
आगरा, 13 फरवरी। शहर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। खंदारी क्षेत्र की 72 वर्षीया वृद्धा को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 33 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने खुद को नई दिल्ली का अधिकारी बताते हुए महिला को यह कहकर डराया कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी और आरटीजीएस के जरिए रकम ट्रांसफर करा ली।
खबरों के मुताबिक, खंदारी निवासी पीड़िता प्रमोद कुमारी सिंह को कॉल कर ठगों ने बताया कि उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज है और यदि उन्होंने तत्काल सहयोग नहीं किया तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। इस डर और मानसिक दबाव में ठगों ने महिला को अलग-अलग बैंक खातों में 33 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करने के लिए मजबूर कर दिया।
ठगों ने कॉल के दौरान खुद को नई दिल्ली टेलीकॉम हेडक्वार्टर से जुड़ा अधिकारी बताया और जांच एजेंसियों का नाम लेकर महिला को लगातार डराते रहे। महिला को यह तक कहा गया कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है और किसी से संपर्क करने पर उनकी स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
डीसीपी सिटी अली अब्बास ने मीडिया को बताया कि साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और प्रयास किया जा रहा है कि जितनी राशि रोकी जा सकती है, उसे तुरंत फ्रीज कराया जाए। पुलिस साइबर ठगों की लोकेशन और बैंक खातों की जांच में जुटी हुई है।
डीसीपी सिटी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के धमकी भरे फोन कॉल से घबराएं नहीं। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर इस तरह पैसे नहीं मांगती। ऐसे कॉल आने पर पहले सत्यापन करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। बिना जांच-पड़ताल के किसी भी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
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