दयालबाग में लोहड़ी का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया गया
आगरा, 13 जनवरी। दयालबाग के सत्संगी समाज के बीच मंगलवार की प्रातःकाल से ही लोहड़ी के आयोजन शुरू हो गए। “डन ट्यूबवेल, विद्युत नगर” स्थित खेतों पर सभी भाई-बहन एवं बच्चे नियत समय पर प्लांटेशन मेंटेनेंस कार्य हेतु पहुँचने लगे। जेंडर-फ्री सुपर ह्यूमन (जिनकी आयु 3 सप्ताह से 12 वर्ष तक है) रंग-बिरंगी भेष-भूषा एवं परिधान लोहड़ी के उल्लास में सराबोर थे। जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बने। गुरुजी प्रो. प्रेम सरन सतसंगी की उपस्थिति में नियमित कृषि गतिविधियों के साथ-साथ लोहड़ी से संबंधित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। आयोजन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में सतसंगियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से सहभागिता की।
द्वितीय चरण में डी.ई.आई. के विद्यार्थियों द्वारा भी लोहड़ी के उपलक्ष्य में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने पूरे उत्सव को जीवंत बना दिया।
तृतीय चरण में भी लोहड़ी के उल्लास में सराबोर कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी गईं। आयोजन का देश-विदेश के लगभग 580 केंद्रों पर सजीव प्रसारण किया गया। इस अवसर की विशेष बात यह रही कि देश-विदेश की सभी प्रमुख शाखाओं/केंद्रों ने वीडियो माध्यम से अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत कीं, जिससे वैश्विक सत्संग समुदाय की व्यापक एवं समरस भागीदारी सुनिश्चित हुई।
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा लोहड़ी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों के लिए संस्थान के मुख्य स्टेडियम में विशाल अलाव जलाकर उत्सव मनाया गया एवं छात्राओं के लिए जूनियर एवं सीनियर गर्ल्स हॉस्टल में पारंपरिक गीतों और नृत्यों के साथ लोहड़ी का आनंद लिया गया। संस्थान के डायरेक्टर प्रो.सी. पटवर्धन एवं रजिस्ट्रार प्रो. संजीव स्वामी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अशोक जांगिड़,
कल्चरल समन्वय, डॉ. संजय सैनी एवं डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, डॉ. कविता कुमार थे। विद्यार्थियों ने लोक नृत्य, लोक गीत और भांगड़ा प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। अंत में सभी को रेवड़ी, गज़क और मूंगफली का प्रसाद वितरित किया गया।
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