आगरा में देवकीनंदन ठाकुर ने उठाए मथुरा-काशी, कृष्ण जन्मभूमि, ताजमहल, जामा मस्जिद और हिंदुओं की जनसंख्या जैसे मुद्दे
आगरा, 22 जनवरी। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने गुरुवार को यहां मथुरा-काशी, कृष्ण जन्मभूमि, ताजमहल, जामा मस्जिद और हिंदुओं की जनसंख्या जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाया।
देवकीनंदन ठाकुर जीआईसी मैदान पंचकुइयां में विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रयागराज विवाद पर कहा कि शंकराचार्य मेरे लिए भगवान समान हैं। इस विवाद पर मैं बोलना उचित नहीं समझता, लेकिन प्रशासन से इतना जरूर कहना चाहूंगा कि जिसके माथे पर तिलक लगा हो, उसके साथ ऐसा कोई व्यवहार नहीं करना चाहिए जिससे हिंदुत्व और सनातन का अपमान हो। संत समाज को ऐसे विवाद एक साथ बैठकर सुलह कर लेने चाहिए। इन्हें ज्यादा बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि लोग कहेंगे मैं हिंदू-मुस्लिम कर रहा हूं, लेकिन मैं सौगंध खाता हूं, मथुरा और काशी हमें दे दो, हम तुम्हें दही और बूरा खिलाएंगे। ब्रज में दही-बूरे के बिना दावत अधूरी है। उन्होंने दावा किया कि वे भाईचारे के लिए “दो कदम हम, दो कदम तुम” चलने को तैयार हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अब बहुत सह लिया, अब नहीं सहेंगे, हिंदू अपना हक लेकर रहेंगे।
समिति के संयोजक विनीत शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष में सभी हिंदुओं को संगठित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इस दौरान करन गर्ग, रजत जोशी, अनीता खरे और डा. योगेश जिंदल आदि उपस्थित रहे।
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