बड़ा खुलासा: रोजर एक्सपोर्ट से चोरी 7.7 करोड़ के जेवरात और नकदी बरामद, तीन गिरफ्तार, कर्मचारी ने ही साथियों समेत की थी चोरी
आगरा, 23 जनवरी। आगरा-मथुरा हाईवे पर स्थित रोजर शू इंडस्ट्रीज लिमिटेड में हुई चोरी का पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस चोरी में फैक्ट्री के ही कर्मचारी समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए करीब 7.70 करोड़ रुपये मूल्य का सोना, हीरे, चांदी और नकदी बरामद की है। इसे अभी तक की सबसे बड़ी बरामदगी माना जा रहा है।
रोजर इंडस्ट्रीज अरतौनी के मालिक दीपक बुद्धिराजा ने विगत 19 जनवरी को थाना सिकंदरा में सूचना दी थी कि सुबह फैक्ट्री के कर्मचारी ने बताया कि पहली मंजिल का गेट टूटा हुआ है और अलमारियों के ताले भी टूटे पड़े हैं। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि फैक्ट्री के लॉकर में रखी नकदी और भारी मात्रा में कीमती जेवरात चोरी हो चुके हैं।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने इस मामले में डीसीपी नगर जोन के निर्देश पर थाना सिकंदरा, सर्विलांस, साइबर सेल और एसओजी की संयुक्त टीमें गठित की। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की और संदिग्धों की पहचान की। इसी क्रम में 22-23 जनवरी की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गोल चक्कर चौराहे के पास जंगल से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम अनुपम शर्मा, अनुराग शर्मा और संजय सिंह उर्फ संजू बताए गए हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 66,33,980 रुपये नगद और सोने, चांदी, हीरे के आभूषण कुल अनुमानित कीमत करीब 7.70 करोड़ रुपये है, बरामद किए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य अभियुक्त अनुपम शर्मा पिछले कई वर्षों से रोजर फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। उसे फैक्ट्री के अंदरूनी रास्तों, सुरक्षा व्यवस्था और चौकीदारों की ड्यूटी के बारे में पूरी जानकारी थी। उसने अपने मालिक को ऑफिस के लॉकर में नकदी और जेवर रखते हुए देखा था, जिसकी जानकारी उसने अपने भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह को दी। लालच में आकर तीनों ने मिलकर चोरी की योजना बनाई।
रविवार को फैक्ट्री में छुट्टी होने का फायदा उठाते हुए अनुपम शर्मा फैक्ट्री के पीछे से अर्थिंग पाइप के सहारे टिनशेड पर चढ़ा और पहली मंजिल का शीशा तोड़कर अंदर घुस गया। उसने ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे का रुख बदल दिया और लॉकर तोड़कर नकदी व जेवर बैग में भर लिए। इस दौरान अनुराग शर्मा और संजय सिंह बाहर निगरानी करते रहे। चोरी के बाद तीनों ने सारा माल फैक्ट्री के पीछे जंगल में गड्ढा करके छिपा दिया था। पुलिस ने बताया कि तीनों अभियुक्त जंगल से चोरी का माल निकालकर आपस में बांटने जा रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शुक्रवार को मीडिया को यह जानकारी देते हुए कहा कि फैक्ट्री मालिक के आवास पर जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है, इस कारण उन्होंने अपनी नकारी और आभूषण फैक्ट्री के लॉकर में लाकर रख दिए थे। अनुपम को इसकी जानकारी थी।
पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में डीसीपी अली अब्बास और एसीपी आदित्य, एसीपी अक्षय महादिक, एसीपी ट्रेनिंग अभय कुमार, थाना सिकंदरा प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार त्रिपाठी, सर्विलांस और साइबर सेल प्रभारी सौरभ सिंह, एसओजी प्रभारी सोहनपाल सिंह और उनकी टीमों की भूमिका रही।
पुलिस टीम को मिला इनाम
रोजर शू फैक्ट्री चोरी कांड के सफल खुलासे और ऐतिहासिक बरामदगी पर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट द्वारा कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशंसा पत्र दिया जा रहा है। इस त्वरित खुलासे पर रोजर एक्सपोर्ट के दीपक बुद्धिराजा, डीसीएफएलआई के अध्यक्ष पूरन डावर, एफमेक के उपाध्यक्ष राजेश सहगल और कुलवीर सिंह ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
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