फर्जी फर्म बनाकर 18 करोड़ के इनपुट टैक्स क्रेडिट की चोरी, मुकदमा दर्ज

आगरा, 15 जनवरी। फर्जी फर्म बनाकर 18 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी कर लिए जाने का मामला सामने आया है। उपायुक्त राज्य कर खंड-12 अशोक कुमार सिंह ने इस संबंध में थाना लोहामंडी में एफआईआर दर्ज कराई है। 
आरोप है कि फर्म संचालक ने पंजीकरण के बाद दो फर्मों से खरीद दिखाई और 99 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन दिखाया। जांच में पता चला कि किसी सामान की खरीद-फरोख्त नहीं की गई। सिर्फ कागज तैयार उनका अदान-प्रदान कर बोगस आईटीसी का लाभ ले लिया गया। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। 
थाना लोहामंडी में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि एसके ट्रेडर्स के मालिक सुरेश कुमार चाहर की फर्म का पता अमरपुरा, जगदीशपुरा दर्शाया गया था।
जांच में सामने आया कि फर्म का 27 सितंबर, 2017 को विभिन्न वस्तुओं की खरीद के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया था। पंजीकरण के दौरान सुरेश कुमार चाहर ने अपना स्थायी पता छतरपुर, मध्य प्रदेश बताया। इसके साथ ही उसने अपनी फोटो, किरायानामा, रजिस्ट्री की प्रति और बैंक स्टेटमेंट भी पोर्टल पर अपलोड किए, जिसके आधार पर फर्म का पंजीकरण जारी कर दिया गया। बाद में जांच के दौरान 11 दिसंबर 2018 को प्रतिकूल तथ्यों के आधार पर व्यापारी का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया।
इसके बावजूद व्यापारी द्वारा दो फर्मों से खरीद दिखाकर आईटीसी का दावा किया गया। जांच में पाया गया कि अजमेर की राधे इंटरनेशनल नामक फर्म से 9.48 करोड़ रुपये की आईटीसी क्लेम की गई थी, जबकि यह फर्म फर्जी पाई गई। राधे इंटरनेशनल का पंजीकरण पहले ही 20 नवंबर 2019 को निरस्त किया जा चुका था। जांच में सामने आया कि ओम इंटरप्राइजेज से 3.20 करोड़ रुपये के आईटीसी का क्लेम किया गया था, जबकि इस फर्म का पंजीकरण पहले ही 26 दिसंबर, 2018 को निरस्त किया जा चुका था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस फर्म से किसी प्रकार की वास्तविक खरीद नहीं हुई थी। कहा गया है कि इस तरह व्यापारी ने फर्जी फर्में बनाकर करीब 18 करोड़ रुपये के आईटीसी की चोरी की।
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