नहीं रहे बॉलीवुड के "हीमैन" धर्मेंद्र, साठ साल तक जमाई फिल्मों में धाक, समूचे सिने जगत में शोक की लहर, पढ़िए जीवन गाथा

मुंबई, 24 नवम्बर। हिन्दी सिनेमा की सर्वाधिक हिट फिल्में देने वाले "हीमैन" धर्मेंद्र का सोमवार को निधन हो गया। उनके निधन पर बॉलीवुड में शोक की लहर है। दिग्गज अभिनेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। उनका कई दिनों से घर पर ही इलाज चल रहा था। 
धर्मेंद्र का आगामी 8 दिसंबर को 90वां बर्थडे था। अपने जन्मदिन से ठीक 14 दिन पहले उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए छोड़ दिया। उनके निधन से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं फैंस भी एक्टर के जाने से सदमे में हैं।
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर, 1935 को पंजाब के नसराली में हुआ था और उन्होंने 1958 में फिल्मफेयर टैलेंट हंट जीतकर फिल्मों में कदम रखा था और वर्ष 1960 में दिल भी तेरा हम भी तेरे से उन्होंने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया था। वर्ष 1960–70 के दशक में वे रोमांटिक और एक्शन हीरो दोनों रूपों में बड़े स्टार बने और फिर वे बॉलीवुड के ही मैन के नाम से फेमस हो गए थे। 
धर्मेंद्र को कुछ दिन पहले मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किए गए थे। विगत दस नवंबर को धर्मेंद्र की तबीयत काफी खराब हो गई थी और उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किए जाने की खबरें आई थीं। इसके बाद सलमान खान से लेकर शाहरुख खान और गोविंदा को दिग्गज अभिनेता का हाल चाल जानने के लिए अस्पताल में देखा गया था। ठीक उसके बाद धर्मेंद्र के निधन की अफवाह भी फैल गई। बाद में अभिनेता की पत्नी हेमा मालिनी, बेटी ईशा देओल और बेटे सनी देओल ने उनके निधन की खबरों को झूठी बताया था। हालांकि सोमवार को दिग्गज अभिनेता ने अंतिम सांस ली।
आखिरी फिल्म 'इक्कीस' 
धर्मेंद्र आखिरी बार कृति सेनन और शाहिद कपूर की फिल्म 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' में नजर आए थे. अब उनकी आखिरी फिल्म 'इक्कीस' है। ये श्रीराम राघवन के डायरेक्शन में बनी है इस फिल्म में वो अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा के पिता के रोल में नजर आएंगे। ये फिल्म 25 दिसंबर, 2025 को थिएटर्स में दस्तक देगी।
पूरा नाम धरम सिंह देओल था
धर्मेंद्र बॉलीवुड के ऐसे एक्टर रहे जिन्होंने अपनी एक्टिंग से दिल जीता। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से गरम-धरम भी कहते थे। हिंदी सिनेमा के हीमैन कहे जाने धर्मेंद्र का पूरा नाम धरम सिंह देओल था। उनके पिता स्कूल हेडमास्टर थे। अपने गांव से मीलों दूर धर्मेन्द्र ने एक सिनेमाघर में सुरैया की फिल्म 'दिल्लगी' देखी और इससे वे इतने प्रभावित हुए कि अपना करियर उन्होंने फिल्मों में बनाने का निश्चय किया। धर्मेन्द्र ने 40 दिनों तक रोजाना 'दिल्लगी' देखी और इस फिल्म देखने के‍ लिए मीलों पैदल चले। 
धर्मेन्द्र को जब पता चला कि फिल्मफेयर नामक पत्रिका नई प्रतिभा की खोज कर रही है तो उन्होंने भी फॉर्म भेजा। धर्मेन्द्र ने कहीं से अभिनय नहीं सीखा था। इसके बावजूद उन्होंने तमाम प्रतिभाशाली लोगों को पीछे छोड़ा और वे इस टैलेंट हंट में चुन लिए गए। इस तरह उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में ऐसा कदम रखा कि उनका सफर यादगार बन गया।
दो विवाह किए थे
धर्मेंद्र ने दो विवाह किए थे, पहला विवाह वर्ष 1954 में प्रकाश कौर से हुआ, जिनसे चार बच्चे हुए। दो पुत्र सनी देओल, बॉबी देओल और दो पुत्रियां विजेता, अजीता हैं। इसके बाद वर्ष 1980 में अभिनेत्री हेमामालिनी से दूसरा विवाह किया, जिनसे दो पुत्रियां हुईं। उनके नाम ईशा और आहना हैं।
60 सालों तक सिनेमा में सक्रिय रहे
धर्मेंद्र छह दशकों तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहे। उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। धर्मेंद्र ने 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ फिल्म से डेब्यू किया था। उन्होंने 1960 के दशक में ‘आई मिलन की बेला’, ‘फूल और पत्थर’, ‘आए दिन बहार के’ और शोले जैसी फिल्मों से लोकप्रियता पाई थी। धर्मेंद्र के नाम हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा हिट फिल्मों में अभिनय करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने वर्ष 1973 में आठ हिट फिल्में दीं और 1987 में धर्मेंद्र ने लगातार सात हिट फिल्में जो हिंदी सिनेमा के इतिहास में अब भी एक रिकॉर्ड है। उन्हें 2012 में भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
बीकानेर से भाजपा सांसद भी रहे थे
अभिनेता होने के साथ ही उन्होंने फिल्म निर्माण और राजनीति में भी हाथ आजमाए थे। वह 15वीं लोकसभा के सदस्य थे, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से राजस्थान में बीकानेर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। वर्ष 2012 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। हिंदी सिनेमा में उनके योगदान के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी मिला था।
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