ग्रीन गैस पाइपलाइन के नाम पर ₹7.99 लाख की साइबर ठगी, APK फाइल बनी हथियार
आगरा, 02 नवम्बर। साइबर ठगों ने अब ग्रीन गैस पाइपलाइन के काम को हथियार बना लिया है। आगरा में एक परिवार को पाइपलाइन के काम का झांसा देकर ठगों ने सात लाख, 99 हजार, 544 रुपये उड़ा लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
फोन कर भेजी संदिग्ध APK फाइल
पीड़ित अमन लालवानी के अनुसार, विगत 10 सितंबर को उनके परिवार के पास ग्रीन गैस पाइपलाइन से संबंधित काम के लिए फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी से जुड़ा बताकर विश्वास में लिया और मोबाइल पर एक APK फाइल भेजकर डाउनलोड करने को कहा। परिवार को अंदेशा नहीं था कि यही फाइल ठगी का जाल है। आरोप है कि फाइल डाउनलोड होते ही ठगों ने मोबाइल का एक्सेस ले लिया और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बना ली।
चार बार में निकाले 7.99 लाख, पिता की FD थी रकम
15 सितंबर को पीड़ित के ICICI बैंक खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 7,99,544 रुपये निकाल लिए गए। जब खाते से पैसे कटने का मैसेज आया तो परिवार के होश उड़ गए। पीड़ित के मुताबिक, यह रकम उनके पिता की एफडी की थी, जिसे सुरक्षित रखने के लिए बैंक में जमा किया गया था।
कैसे काम करता है APK वाला फ्रॉड
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ठग बिल भुगतान, सरकारी सेवा या तकनीकी अपडेट के नाम पर APK फाइल भेजते हैं। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल में मौजूद OTP, बैंक डिटेल और अन्य निजी जानकारी लीक होने का खतरा रहता है।
साइबर थाने में FIR, जांच जारी
मामले की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना आगरा ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, संदिग्ध मोबाइल नंबर और भेजी गई APK फाइल की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई है।
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