ताजगंज पुरानी मंडी मतदान केंद्र पर गाड़ियों को लेकर सपा-भाजपा में टकराव, सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल कैमरे पर फूट-फूटकर रोए - लगाया बूथ कैप्चरिंग का आरोप
आगरा, 23 अक्टूबर। आगरा खंड स्नातक और खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव के मतदान के दौरान ताजगंज थाना क्षेत्र की पुरानी मंडी स्थित मतदान केंद्र पर बड़ा हंगामा हो गया। मतदान केंद्र के पास गाड़ियों की आवाजाही को लेकर समाजवादी पार्टी और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे मौके पर तनाव फैल गया। इसी बीच सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल भावुक होकर कैमरे के सामने फूट-फूटकर रो पड़े।
गाड़ियों के काफिले को लेकर विवाद
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी गाड़ियों को मतदान केंद्र से 200 मीटर पहले ही रोक दिया, जबकि भाजपा के 8 से 11 गाड़ियों के काफिले को मतदान केंद्र के बिल्कुल नजदीक तक जाने दिया गया।
सपा समर्थकों का कहना था कि जब सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर उनके वाहनों को दूर रोका जा रहा है, तो यह नियम सभी दलों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। भाजपा के काफिले को छूट दिए जाने पर उन्होंने चुनाव में पक्षपात का आरोप लगाया। इसी बात को लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में तीखी बहस हुई और देखते ही देखते माहौल गरमा गया।
कैमरे पर रो पड़े सपा प्रत्याशी, दिया बड़ा बयान
विवाद बढ़ने पर सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं के साथ हुए व्यवहार को देखकर वह बेहद भावुक हो गए और मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोने लगे। रोते हुए उन्होंने भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग का गंभीर आरोप लगाया। भावुकता में उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर उनके साथ इसी तरह का भेदभाव होता रहा तो वह दिल्ली की शाही जामा मस्जिद जाकर इस्लाम कबूल कर लेंगे। उनके इस बयान के बाद मौके पर राजनीतिक सरगर्मी और भी तेज हो गई।
सपा ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल
सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि एमएलसी जैसे चुनाव में प्रशासन को पूरी तरह निष्पक्ष रहना चाहिए। सभी प्रत्याशियों के लिए एक समान नियम होने चाहिए। एक पक्ष को रोकना और दूसरे पक्ष को खुली छूट देना लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर भारी पुलिस बल
पुरानी मंडी मतदान केंद्र पर हंगामे की सूचना मिलते ही ताजगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कुछ देर के लिए मतदान प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज है।
प्रशासन ने अभी तक वाहनों की आवाजाही और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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