विनय अग्रवाल ने त्यागा अध्यक्ष पद, बोले— अब पार्षदगण निकालें दशहरा शोभायात्रा

आगरा, 18 अक्टूबर। जटपुरा में दशहरा आयोजन को लेकर विनय अग्रवाल ने अध्यक्ष पद त्याग दिया है। मंदिर कमेटी की सलाह का सम्मान करते हुए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
विनय अग्रवाल ने कहा कि पार्षदगणों के अहम के कारण ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनमें उन्हें अध्यक्ष पद त्यागना पड़ा। उनके लिए पद से बड़ा भगवान श्रीराम का सम्मान और समाज की एकता है। वह अध्यक्ष के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य कार्यकर्ता और रामभक्त के रूप में दशहरा आयोजन में सहयोग करना चाहते हैं। विनय अग्रवाल ने कहा कि रविवार की थाना प्रभारी लोहामण्डी के साथ हुई दोनों पक्षों की बैठक के बाद उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
विनय अग्रवाल ने कहा कि अब क्षेत्र के पार्षदगण ही आगे आएं और भव्य दशहरा शोभायात्रा निकालने की जिम्मेदारी संभालें। भगवान श्रीराम के इस पावन पर्व को आपसी सहयोग और श्रद्धा के साथ मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समाजवादी पार्टी में होने के कारण कोई व्यक्ति रामभक्त नहीं हो सकता? उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। 
कमेटी बनाई ही नहीं गई थी!
दूसरी ओर पार्षद शरद चौहान ने बताया कि दशहरा शोभायात्रा के लिए पिछले दिनों मंदिर में हुई बैठक में केवल एक व्यक्ति को संयोजक बनाया गया था, कोई कमेटी नहीं बनाई गई थी। लेकिन बाद में विनय अग्रवाल एक कमेटी बनाकर अध्यक्ष बन बैठे। इसी को लेकर सभी पार्षदों और अन्य क्षेत्रवासियों का विरोध था। विनय अग्रवाल के पद छोड़ने से यह विरोध खत्म हो गया है और अब सभी मिलकर दशहरा शोभायात्रा को निकालेंगे।
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