मिथिला नगरी में गूंजा - बधाई हो बधाई जनक घर बेटी आई, माँ जानकी प्राकट्य पर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
आगरा, 02 अक्टूबर। “प्रगटीं सिय बिधि बीच बिचारा। जनकपुर मंगल भवन उजियारा” - जगत जननी माँ जानकी के पावन प्राकट्य का प्रसंग जैसे ही रामलीला मैदान में साकार हुआ, समूची मिथिला नगरी भक्ति और उल्लास से झूम उठी। उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला में शुक्रवार को रामलीला मैदान भव्य मिथिला नगरी के रूप में सजा था। चारों ओर मंगल गीत, शहनाई और ढोल की गूंज थी।
मंच पर महाराज जनक के स्वरूप में अशोक गोयल और महारानी सुनयना के स्वरूप में लता गोयल ने खेत में हल चलाने की लीला का मंचन किया। हल चलाते हुए जब हल एक घड़े से टकराया तो उसी से पृथ्वी पर माँ जानकी का प्राकट्य हुआ। माँ के अवतरित होते ही राजा-रानी का हृदय आनंद से भर गया और मिथिला में खुशी की लहर दौड़ गई। बाल स्वरूप बनने का सौभाग्य तीन माह की अवनि को प्राप्त हुआ।
जन्म का समाचार मिलते ही पंडाल में “बधाई हो बधाई, जनक घर बेटी आई” के जयघोष गूंजे। महिलाओं ने हर्षोल्लास से नृत्य किया। राजा जनक और सुनयना ने पंडाल में खिलौने, मिठाई, फल, मेवा, चॉकलेट बांटकर खुशियां साझा कीं।
आरती प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्य लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष विजय गोयल, संजय तिवारी, मुकेश जौहरी और विष्णु दयाल बंसल, जनकपुरी समिति के अध्यक्ष राजू यादव, मार्गदर्शक अजय अवागढ़ आदि ने की। परिवार की ओर से “जरा फूलों से सजा दो मिथिला को” भजन प्रस्तुत हुए और महिला समिति ने नृत्य किया।
श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को रामायण कालीन परंपरा के तहत किन्नर समाज द्वारा श्रीराम आरती उतारी जाएगी। साथ ही विश्वामित्र आगमन और ताड़का वध लीला का मंचन होगा।
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