संयुक्त राष्ट्र महासभा में सांसद नवीन जैन ने रखा भारत का पक्ष, वैश्विक व्यापार और कानूनी सुधारों पर दिया जोर
आगरा, 20 अक्टूबर। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की छठी समिति में भारत की ओर से एजेंडा मद 76 (UNCITRAL - संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग) पर राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक व्यापार, अंतरराष्ट्रीय कानूनी सुधारों, डिजिटल तकनीक और न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने समावेशी, विकासोन्मुखी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कानूनी ढांचे की आवश्यकता पर बल देते हुए इस दिशा में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अंतरराष्ट्रीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व सांसद नवीन जैन द्वारा किया जाना आगरा के लिए गौरव का विषय बताया गया। विश्व के सबसे महत्वपूर्ण मंच पर भारत का पक्ष रखने का अवसर मिलना न केवल उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है, बल्कि आगरा की प्रतिष्ठा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला क्षण है।
मुख्य बिंदु:
- UNCITRAL के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत के योगदान को रेखांकित किया।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने और वाणिज्यिक विवादों के प्रभावी समाधान में कानूनी ढांचे की भूमिका पर जोर।
- भारत में मध्यस्थता, वाणिज्यिक विवाद समाधान और दिवाला कानून (IBC) में हुए घरेलू सुधारों का उल्लेख।
- अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद सुधार के लिए सलाहकार केंद्र की स्थापना की प्रगति का स्वागत, सुलभता और वित्तीय स्पष्टता पर जोर।
- निवेशक-राज्य विवाद निपटान में राज्यों की सहमति, नियमन के अधिकार और प्रक्रियात्मक निष्पक्षता का सम्मान जरूरी बताया।
- इलेक्ट्रॉनिक मध्यस्थता की मान्यता, डिजिटल परिसंपत्तियों, सार्वजनिक खरीद और दिवाला कानून पर UNCITRAL के कार्यों का महत्व बताया।
- भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और IT Act 2000 को व्यापार सुगमता और न्याय तक पहुंच का उदाहरण बताया।
- वैश्विक व्यापार व्यवस्था में राष्ट्रीय नीतिगत स्वतंत्रता और सभी देशों की न्यायसंगत भागीदारी की वकालत की।
महात्मा गांधी को पुष्पांजलि
महत्वपूर्ण बैठक से पूर्व न्यूयॉर्क में सांसद नवीन जैन ने भारतीय संसदीय दल के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी में सत्य, अहिंसा और शांति के आदर्शों का स्मरण किया गया। उन्होंने गांधी जी के विचारों को वैश्विक शांति और सहयोग के लिए प्रासंगिक बताया।
इस अवसर पर भारत की ओर से सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति, सांसद मनीष तिवारी, सांसद हेमंत विष्णु, सांसद डॉ. कल्पना सैनी, सांसद रंजीत रंजन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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