ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर APK फाइल भेज ठगी की कोशिश, जागरूक उपभोक्ता ने ठग को ही लताड़ा
आगरा, 06 अक्टूबर। दयालबाग के सरला बाग एक्सटेंशन निवासी इंस्टीट्यूट संचालक आशू गोयल को साइबर ठग ने निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन जागरूकता के चलते खुद ठग ही बेनकाब हो गया। ठगी में नाकाम होने पर ठग गालियों पर उतर आया, जिसका ऑडियो अब वायरल हो रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आशू गोयल ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट संचालित करते हैं। उनका कहना है कि सोमवार की दोपहर करीब तीन बजे एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर 'ग्रीन गैस बिल अपडेट' नाम से APK फाइल आई, फिर उसी नंबर से कॉल आई।
कॉलर ने खुद को ग्रीन गैस का प्रतिनिधि बताया और पिछला बिल जमा करने की तारीख सहित कनेक्शन की पूरी जानकारी दी। सटीक डेटा सुनकर एक बार आशू को भी लगा कि कॉल कंपनी से ही है। लेकिन जब उसने व्हाट्सएप वाली फाइल खोलकर बिल अपडेट करने को कहा तो शक हो गया। आशू ने कहा कि वह कंपनी के अधिकृत ऐप से ही बिल जमा करते हैं और चाहे तो कनेक्शन काट दे।
इतना सुनते ही ठग बौखला गया और गाली-गलौज करने लगा। दोनों तरफ से तीखी बहस हुई। आशू ने पूरी कॉल रिकॉर्ड कर ली। आशू के एक रिटायर्ड परिचित के साथ कुछ दिन पहले इसी तरह ठगी हो चुकी थी और अखबारों में ऐसी खबरें पढ़कर वह सतर्क थे। हैरानी की बात यह है कि ठग को अंतिम बिल की तारीख तक पता थी।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर ठगी के मामले लगातार आ रहे हैं। लोगों से अपील है कि अनजान APK फाइल डाउनलोड न करें।
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