चाय वाले से 16.50 लाख की साइबर ठगी, बैंक मैनेजर और फर्जी पुलिस बनकर फंसाया
आगरा, 01 अक्टूबर। साइबर ठगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब चाय की ठेल लगाने वाले छोटे दुकानदार भी उनके जाल में फंस रहे हैं। ताजगंज थाना क्षेत्र के बल्देव नगर निवासी चाय विक्रेता अमन कुमार से ठगों ने तीन महीने में किस्तों में 16.50 लाख रुपये ऐंठ लिए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ठगों ने पहले बैंक में मोटी रकम जमा होने का लालच दिया, फिर इटली से आने का झांसा और अंत में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर रकम ट्रांसफर कराई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़ित अमन कुमार ने पुलिस को बताया कि जून, 2025 में उसके मोबाइल फोन पर अशोक मल्होत्रा नाम के व्यक्ति का फोन आया। पहले सामान्य बातचीत की, फिर मदद करने की बात कही। उसने कहा कि कोलकाता की एक बैंक में उसके नाम चार लाख, दस हजार रुपये जमा कर दिए गए हैं, जिसे वह निकाल सकता है।
कुछ दिन बाद विजय राठौर नाम के दूसरे व्यक्ति का कॉल आया, जिसने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया। उसने कहा कि यह रकम निकालने के लिए एक नया यूपीआई खाता खोलना होगा और उसमें कुछ रकम डालनी होगी। लालच में आकर अमन ने अपनी रोज की कमाई उसी यूपीआई खाते पर भेजना शुरू कर दिया।
जब महीनों तक वादा की गई रकम नहीं मिली तो अमन ने संपर्क किया। इस पर अशोक मल्होत्रा ने फिर कॉल कर कहा कि वह इटली से मुंबई पहुंच गया है, लेकिन उसके पास विदेशी मुद्रा होने से वह खर्च नहीं कर पा रहा। बैंक मैनेजर के कहने पर उसने अमन से फिर से पैसे ट्रांसफर करने को कहा। अमन ने फिर कर्ज लेकर पैसे भेज दिए।
ठगी का सबसे खौफनाक मोड़ तब आया जब एक व्यक्ति ने पुलिस की वर्दी पहनकर अमन को वीडियो कॉल की। खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए उसने कहा कि तुम्हारे खातों में बड़े पैमाने पर पैसों का घोटाला पकड़ा गया है। अगर तुम बाकी रकम ट्रांसफर नहीं करोगे तो तुम्हारा पूरा परिवार जेल जाएगा।
डर के मारे अमन ने अपनी जमा-पूंजी, रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 16.50 लाख रुपये जून से सितंबर के बीच अलग-अलग बार में ठगों के बताए खातों में डाल दिए। जब और पैसे की मांग हुई और कोई रकम वापस नहीं आई, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उन यूपीआई आईडी और बैंक खातों की डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है, जिनमें रकम ट्रांसफर हुई है। पुलिस का कहना है कि यह संगठित गिरोह है जो पहले लालच और फिर डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकी देकर लोगों को फंसाता है।
______________________________________

Post a Comment
0 Comments