आगरा कैंट डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट से मारपीट मामले में आरपीएफ के दो दरोगा और दो सिपाही को दोषी माना गया, रिपोर्ट मुख्यालय भेजी
आगरा, 04 सितम्बर। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर से मारपीट मामले में जांच पूरी हो गई है। तीन सदस्यीय समिति ने RPF के दो सब इंस्पेक्टरों मेघराज मीणा, बाल किशन और दो कांस्टेबलों जितेंद्र, बदन सिंह को दोषी पाया है।
वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक कुलदीप मीना की निगरानी में गठित समिति ने 32 लोगों के बयान लिए और 35 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरपीएफ कर्मियों ने पद की गरिमा के खिलाफ जाकर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मारपीट की।
गौरतलब है कि विगत 12 जुलाई को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 पर महिला यात्री को ट्रेन में चढ़ाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि आरपीएफ टीम ने डीएसएस को घसीटते हुए थाने ले जाकर पीटा। घटना के बाद 30 शहरों में रेलकर्मियों ने प्रदर्शन किया था। डीएसएस की पत्नी हरेंद्री चाहर ने बर्खास्तगी की मांग की थी।
चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के बाद निलंबन और ट्रांसफर हो चुका है। अब रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय प्रयागराज भेजी गई है, जहां से बर्खास्तगी जैसी बड़ी कार्रवाई भी संभव है।
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