माया वश भए नारद मुनि, हरि ने हर लिया अभिमान, बघेल, उपाध्याय और हेमलता के किया मंचीय रामलीला का उदघाटन
आगरा, 30 सितम्बर। श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन... के स्वर और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच उत्तर भारत की ऐतिहासिक श्री रामलीला महोत्सव की मंचीय लीला का बुधवार को शुभारंभ हुआ। अयोध्या नगरी बने रामलीला मैदान में भक्ति की सरिता बह उठी।
नारद मोह प्रसंग: सर्वप्रथम देवर्षि नारद के मोह का मंचन हुआ। कामदेव पर विजय का अभिमान होने पर विष्णु ने माया रची। सुंदर नगर और मोहिनी कन्या को देख नारद मोहित हुए और विष्णु से सुंदर रूप मांगा। भगवान ने लीला से वानर रूप दे दिया। स्वयंवर में वास्तविक रूप का बोध होने पर अभिमान भंग हुआ। लीला ने संदेश दिया कि भक्ति मार्ग पर अहंकार का स्थान नहीं।
धरती की पुकार: इसके बाद रावण के अत्याचार से व्याकुल पृथ्वी ने गौ रूप धारण कर देवताओं-ऋषियों संग नारायण की शरण ली। मंच पर चौपाई सजीव हुई - जब-जब होइ धरम कै हानी...। करुणा से भरकर विष्णु ने अभयदान दिया कि धर्म स्थापना हेतु वे दशरथ के घर पुत्र रूप में अवतार लेंगे। आकाशवाणी से मैदान जय श्रीराम से गूंज उठा।
शुभारंभ: दीप प्रज्ज्वलन मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, मेयर हेमलता दिवाकर, अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, जगदीश बागला आदि ने किया। कोकामल अग्रवाल की ओर से दिनेश किशन अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। आरती के बाद सहयोगियों जनकपुरी महोत्सव समिति के अध्यक्ष राजू यादव, अजय गर्ग अवागढ़, योगेश शर्मा योगी, एफमेक के पूर्व अध्यक्ष पूरन डावर, राजा दशरथ संजय सिंघल, रानी कौशल्या नीता सिंघल, राजा जनक अशोक गोयल रानी सुनयना लता गोयल सहित अनेक अतिथियों का सम्मान हुआ। कार्यक्रम का संचालन रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष संजय तिवारी ने किया। व्यवस्थाएं कोषाध्यक्ष ताराचंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष विजय गोयल, विनोद जौहरी, अशोक राठी, मुकेश जौहरी, राकेश जैन, अंजुल बंसल, रामांशु शर्मा, राम राहुल शर्मा, राम अभिषेक शर्मा आदि ने संभाली।
आज रामजन्म: गुरुवार एक अक्टूबर को राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न जन्म की भव्य लीला होगी। मंगलगीत, शंखनाद के बीच बाल स्वरूप प्राकट्य होगा।
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