Agra News -2 खबरें आगरा की -2.....
विद्यार्थियों को समझाई प्लेसमेंट प्रक्रिया
आगरा, 02 सितम्बर। आर.बी.एस. कॉलेज के विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने एवं उन्हें प्लेसमेंट प्रक्रिया समझाने का कार्यक्रम बुधवार को कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया।
प्राचार्य प्रो. विजय श्रीवास्तव ने वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ कौशल विकास, आत्मविश्वास, संप्रेषण क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञ वक्ता पवन वरुण ने विद्यार्थियों को प्लेसमेंट ड्राइव में सफलता प्राप्त करने की रणनीति, प्रभावी सी.वी. निर्माण, साक्षात्कार की तैयारी, ग्रुप डिस्कशन, संचार कौशल तथा कॉरपोरेट क्षेत्र में आवश्यक व्यावसायिक दक्षताओं की जानकारी प्रदान की। अतिथियों का स्वागत संयोजिका प्रो. सुरेखा तोमर और डॉ. बृजेश सिंह तोमर ने किया। डॉ. नीरज सिंह, डॉ. अब्दुल मजीद, डॉ. बृजेश सिंह तोमर, डॉ. सत्यवीर सिंह, डॉ विकास पाल एवं डॉ. आलोक सिंह की सहभागिता रही।
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सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास
आगरा, 02 सितम्बर। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने स्वीकृत बिचपुरी रोड पर सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास पार्षद रवि करोतिया से नारियल फोड़कर कराया। इस अवसर पर डॉ पार्थसारथी शर्मा, पूर्व मण्डल अध्यक्ष अनिरुद्ध भदौरिया, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष मनोज बघेल, क्षेत्रीय पार्षद रवि करोतिया, पूर्व पार्षद श्यामवीर सिंह, पार्षद निरंजन सिंह कैम, पूर्व पार्षद दीपक अग्रवाल, जुगल किशोर वर्मा, रामस्वरूप लोधी, ओमप्रकाश गोला, मोहिनी शर्मा, बबली धाकड़ आदि उपस्थित थे।
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डी सी पी ट्रैफिक को दिया ज्ञापन
आगरा, 02 सितम्बर। नामनेर बाजार कमेटी के अध्यक्ष ब्रजेश पंडित ने सोनम कुमार (डी सी पी ट्रैफिक) को ज्ञापन देकर आगामी नामनेर जनमाष्टमी महोत्सव के दौरान सुचारू यातायात व्यवस्था की मांग की। नामनेर जन्माष्टमी महोत्सव 4, 5, 6 सितंबर को मनाया जाएगा जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आगमन होगा। डी सी पी ट्रैफिक द्वारा समुचित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
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सिंधी समाज श्रद्धापूर्वक मनाएगा ‘थदरी’ पर्व
आगरा, 02 सितम्बर। सिंधी समाज द्वारा भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि (3 सितंबर) को पारंपरिक एवं धार्मिक आस्था का पर्व ‘थदरी’ घर-घर में मनाया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता सुशील नोतनानी ने बताया कि प्राचीन सिंध प्रांत से चली आ रही इस परंपरा में शीतला माता की पूजा-अर्चना कर परिवार के उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
सिंधी भाषा में 'थदरी' का अर्थ 'ठंडा' होता है। इस पर्व के तहत एक दिन पूर्व (षष्ठी) को महिलाएं रसोई और चूल्हे की पूरी सफाई करके 'मीठा लोला' (मीठी रोटी), बेसन की पूरी, दही व विभिन्न पकवान बनाती हैं। सप्तमी के दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता और पूरे दिन केवल ठंडा भोजन ही ग्रहण किया जाता है।
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