आगरा की पीएनसी कम्पनी के खिलाफ एनएचएआई का सख्त कदम, नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की प्रक्रिया शुरू
आगरा, 05 अगस्त। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश के दौरान कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। एनएचएआई ने सड़क निर्माण में गंभीर खामियां मिलने के बाद पीएनसी इंफ्राटेक को नोटिस जारी किया है। आगरा स्थित पीएनसी इंफ्राटेक के मालिक प्रदीप जैन आदि हैं, जो भाजपा के राज्यसभा सदस्य नवीन जैन के भाई हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है तो कंपनी के लिए भविष्य में एनएचएआई की नई परियोजनाएं हासिल करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा कंपनी की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी पर दो प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं परियोजना से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ तीन वर्ष तक डिबारमेंट की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।
एनएचएआई ने साफ कर दिया है कि जब तक एक्सप्रेस वे पूरी तरह सुरक्षित और दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक टोल टैक्स की वसूली नहीं की जाएगी। इससे पहले इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर कार से एक तरफ का टोल 290 रुपये लिया जा रहा था।
एनएचएआई ने परियोजना से जुड़े कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। हटाए गए अधिकारियों में प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंजीनियर सुरेंद्र कुमार, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार शामिल हैं। इन अधिकारियों को आगामी दो वर्षों तक एनएचएआई की किसी भी परियोजना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा एनएचएआई की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर रहे नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। पूर्व प्रोजेक्ट मैनेजर सौरभ चौरसिया सहित संबंधित अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
सड़क आखिर बार-बार क्यों धंस रही है, इसका पता लगाने के लिए आईआईटी खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम को जांच सौंपी गई है। विशेषज्ञ सड़क की डिजाइन, निर्माण सामग्री, ड्रेनेज व्यवस्था और तकनीकी मानकों की विस्तृत जांच करेंगे।
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