बुजुर्ग से ऑनलाइन ठग लिए सोलह लाख रुपये, सदमे में चली गई जान, बेटे ने दर्ज कराया मुकदमा
आगरा, 11 अगस्त। साइबर ठगों द्वारा शहर में एक बुजुर्ग से सोलह लाख रुपये ठग लिए गए। दुःखद पहलू यह रहा कि ठगी का खुलासा बुजुर्ग की मौत के बाद बेटे द्वारा उनके बैंक खाते और अन्य दस्तावेज चेक किए जाने पर हुआ। पुत्र ने पिता के साथ साइबर ठगी और इसी सदमे में उनकी जान चली जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने गम्भीरता से जांच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फतेहाबाद रोड स्थित आईटीसी हार्मनी रेजीडेंसी निवासी राकेश शर्मा सोशल मीडिया पर 'नाका सॉल्यूशंस' नामक कंपनी के संपर्क में आए थे। कम्पनी के सीताराम नामक व्यक्ति और उसकी सलाहकार साक्षी जायसवाल ने खुद को केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त बताकर राकेश शर्मा का विश्वास जीता और क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा दिया। आरंभ में 8,500 रुपये निवेश कराने के बाद, इसी साल पिछली 13 जनवरी को आरोपियों ने उनसे नौ लाख रुपये का बड़ा निवेश कराया गया। फर्जी ऐप पर फर्जी मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा और पक्का कर लिया।
राकेश शर्मा के पुत्र नकुल शर्मा का आरोप है कि जब उनके बुजुर्ग पिता ने अपना पैसा निकालने का प्रयास किया, तो साक्षी जायसवाल ने कन्वर्जन फीस के नाम पर तीन लाख 44 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद अमित पटेल नामक व्यक्ति ने बार्कलेज बैंक सिक्योरिटी फीस के नाम पर विगत पांच फरवरी को तीन लाख, 65 हजार रुपये और जमा करवा लिए। कुल 16.17 लाख रुपये गंवाने और ठगी का अहसास होने पर राकेश शर्मा काफी तनाव में आ गए, जिसके बाद नौ फरवरी को उनका निधन हो गया।
मृतक के पुत्र नकुल ने उनकी मौत के बाद एक दिन सभी दस्तावेज और बैंक खाते आदि चेक लिए तो उन्हें इस धोखाधड़ी और ठगी का पता चला। इनके बाद नकुल ने ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और एसबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बंधन बैंक के उन खातों का विवरण पुलिस को सौंपा, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
साइबर थाना पुलिस ने उपलब्ध कराए गए सभी विवरणों के आधार पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
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