नगर निगम में सफाईकर्मी नियुक्ति घोटाले की जांच को छह सदस्यीय समिति गठित, 20 तक मांगी रिपोर्ट

आगरा, 12 अगस्त। नगर निगम के आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की भर्ती की आड़ में कथित घोटाले की जांच के लिए छह सदस्यीय जांच समिति गठित कर बीस अगस्त तक रिपोर्ट मांगी है।
आरोप है कि एक हजार सफाई कर्मचारियों की कागजों में भर्ती दिखाकर एक साल तक इनके नाम का नगर निगम का बजट ठिकाने लगाया गया। किसी भी वार्ड में अतिरिक्त सफाई कर्मचारी पहुंचे ही नहीं। पार्षदों ने भर्ती के नाम पर सफाई कर्मचारियों के लिए निर्धारित बजट के बंदरबांट का आरोप लगाया है।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने गठित जांच समिति में अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, सहायक नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के अलावा तीन पार्षदों रवि बिहारी माथुर, प्रकाश केसवानी और कप्तान सिंह को शामिल किया है। 
इस कथित घोटाले को लेकर पार्षद शरद चौहान सहित अन्य पार्षद मुखर हो उठे हैं। उनका आरोप है, नगर निगम में सफाईकर्मियों की नियुक्ति के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने जब आउटसोर्सिंग पर रखे गए नए 1135 सफाईकर्मियों की सूची मांगी तो अफसरों ने उन कर्मचारियों की सूची भेज दी जो कई साल से पार्षदों के वार्ड में तैनात हैं।
बता दें कि तीन वर्ष पहले सदन ने शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए हर वार्ड में 10-10 सफाईकर्मी बढ़ाने के लिए बजट आवंटन बढ़ाया था। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने 1135 सफाईकर्मियों को भर्ती दिखाकर वेतन निकालना शुरू कर दिया, जबकि ये कर्मचारी शहर के 100 में से किसी एक वार्ड में भी नहीं पहुंचे।
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