यमुना पुनर्जीवन कार्ययोजना बनाने के आदेश का स्वागत, पूरे यमुना बेसिन को शामिल किए जाने की मांग
आगरा, 29 मई। सर्वोच्च न्यायालय ने समिति नमामि गंगे के समान यमुना के पुनर्जीवन के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और मदनमोहन की पीठ ने केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया है। रिवर कनेक्ट कैंपेन ने आदेश का स्वागत किया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, समिति में यमुना से प्रभावित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के प्रमुख सचिव और न्यायमित्र शामिल रहेंगे। कार्य योजना के लिए आठ सप्ताह का समय दिया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई आठ अगस्त को होगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से सीवेज ढोने वाले नाले में तब्दील हो चुकी यमुना के पुनरुद्धार की आस जग गई है। पर्यावरण कार्यकर्ता डा. संजय कुलश्रेष्ठ का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित यमुना एक्शन प्लान में दिल्ली ही नहीं, बल्कि हिमालय से प्रयागराज तक पूरे यमुना बेसिन को शामिल किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि आगरा में यमुना में 92 नाले मिलते हैं। नगर निगम दावा करता है कि 62 नाले टैप किए जा चुके हैं। 28 नालों पर बायो रेमेडिएशन और फाइटो रेमेडिएशन तकनीक से प्रदूषित पानी का उपचार किया जा रहा है। इस पर सवाल उठते रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने डा. संजय कुलश्रेष्ठ की याचिका पर यमुना में गिरने वाले नालों से प्रदूषित पानी बहाए जाने पर नगर निगम पर 58.39 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी।
यमुना आरती स्थल पर गुरुवार शाम रिवर कनेक्ट कैंपेन ने यमुना नदी की सफाई और पुनर्जीवन के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। आशा जताई कि अब संबंधित राज्य सरकारें और सरकारी एजेंसियां यमुना की दुर्दशा, प्रदूषण और घटते जल प्रवाह को लेकर ठोस तथा त्वरित कदम उठाएंगी। रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गृह सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन एक अत्यंत महत्वपूर्ण और समयोचित निर्णय है।
डा. देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि यमुना केवल जलधारा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, जैव विविधता और करोड़ों लोगों की जीवन रेखा है। यदि अब भी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां एक मृतप्राय: नदी की विरासत पाएंगी।
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