डिजाइन में कमी से हो रहीं शाहदरा फ्लाई ओवर से गिरकर मौतें! प्रशासन सुरक्षा और डिजाइन ऑडिट कराये
आगरा, 14 अप्रैल। क्षेत्रीय सड़क सुरक्षा समिति के पूर्व सदस्य और अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ संजय चतुर्वेदी ने शहर में फ्लाईओवर से गिरकर हो रही मृत्यु की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए त्वरित डिजाइन ऑडिट एवं सुधारात्मक कार्रवाई की जरूरत बताई है।
डॉ चतुर्वेदी ने क्षेत्रीय सड़क सुरक्षा समिति, आगरा मंडल के अध्यक्ष मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप को लिखे पत्र में कहा कि शाहदरा फ्लाईओवर पर पिछले कुछ वर्षों में एक जैसे पैटर्न के गंभीर सड़क हादसे सामने आए हैं, जिनमें टक्कर के बाद दोपहिया सवार रेलिंग पार कर 25-30 फीट नीचे गिरते हैं और मृत्यु का प्रमुख कारण सेकेंडरी इंपैक्ट पाया जाता है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से डिजाइन की कमी को दर्शाती है।
पत्र में सुझाव दिए गए हैं कि तत्काल सुरक्षा और डिजाइन ऑडिट कराया जाए, क्रैश परीक्षण हो चुके बैरियर लगाए जाएं, वर्टिकल सुरक्षा फेंसिंग (4-6 फीट) अनिवार्य की जाए, गति नियंत्रण मापदंड लागू किए जाएं और क्षेत्र को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाए।
पत्र में शाहदरा फ्लाई ओवर पर हाल के वर्षों हो चुके हादसों का हवाला देते हुए कहा गया है कि यदि एक ही स्थान पर एक जैसे हादसे बार-बार हो रहे हैं, तो यह रोकथाम करने वाली डिजाइन की विफलता है और इस पर गम्भीरता से विचार किए जाने की जरूरत है।
डॉ चतुर्वेदी इससे पहले भी सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के मामलों को उठाते रहे हैं और महत्वपूर्ण सुझाव देते रहे हैं। इससे पूर्व उन्होंने कहा था कि शहर में लगभग रोजाना लगने वाले जाम का मुख्य कारण केवल सड़क की चौड़ाई कम होना मुख्य कारण नहीं है। चौड़ी सड़कों पर भी जाम लगता है। उनका कहना था कि वास्तविक समस्या “Effective Road Width” की है
सड़क जितनी बनी है उतनी उपयोग में नहीं आ रही है। यातायात पुलिस इस ओर ध्यान दे तो काफी हद तक राहत मिल सकती है।
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