भारतीय जीवन बीमा का ताना बाना बिगड़ा तो बिगड़ जाएगी देश की अर्थव्यवस्था
आगरा, 11 अप्रैल। आईआरडीए के नकारात्मक प्रभाव भारतीय जीवन बीमा पर पड़ रहा है। बीमा सुगम प्लेटफार्म से 14 लाख एजेन्ट की आय प्रभावित हो रही है। पॉलिसी होल्डर को सम्भव है 2-3 प्रतिशत बीमा सस्ता मिल जाए परन्तु सलाह देने के लिए कोई एक्सपर्ट नहीं होगा। मिस सेलिंग और सर्विस खराब हो जाएगी। ऐसे विषयों पर चर्चा हुई। मीटिंग के बाद अपनी समस्याओं को लेकर सरकार के पास जाएंगे। वित्त मंत्री के समक्ष भी अपनी समस्याओं को रखेंगे। यह बात आज नेशनल फैडरेशन ऑफ इन्शोरेन्स फील्ड वर्कर्स की कोटल ग्रांड मरक्युर में आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय सभा में राष्ट्रीय महासचिव विवेक सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन वीमा निगम मजबूत तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत रहेगी। 28 करोड से अधिक पालिसी होल्डर बारतीय जीवन वीमा निगम से जुड़े हैं। बहुत बड़ा वित्तीय संस्थान हैं जो हमेसा भारत सरकार से साथ खड़ा रहता है। भारतीय जीवन वीमा निगम को मजबूत किया जाए, इसका ताना बाना बिगाड़ा न जाए। प्राइवेट कम्पनियां जवाबदेही के दायरें में नहीं। भारत सरकार ने एलाईसी एक्स में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं।
पी.एस. नेगी ने उत्तर मध्य क्षेत्र के नव व्यवसाय की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि उत्तर मध्य क्षेत्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर सभी प्रमुख मानकों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निगम के अंतर्गत आने वाले सभी मंडलों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष एम विनय बबू, राष्ट्रीय महासचिव विवेक सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष मनीष रस्तोगी, क्षेत्रीय संजय साही, मण्डलीय ध्यक्ष अनिल द्विवेदी, मण्डल सिचव मुकुल उपमन्यु, कोषाध्यक्ष रावील त्रिपाठी, स्थानीय सचिव करन बुटोला, क्षेत्रीय अध्यक्ष पश्चिम पीएस राणा, क्षेत्रीय सचिव पश्चिम मिलिन्द, क्षेत्रीय ध्यक्ष मध्य अभय सिंह, क्षेत्रीय सचिव मध्य अजय आदि उपस्थित थे।
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