आयकर सर्वे: आरआरआर इंफ्राटेक डेवलपर्स ने बीस गुना अधिक आय सरेंडर की, एक करोड़ सालाना रिटर्न की जगह अब बीस करोड़ की आय स्वीकारी

आगरा, 19 फरवरी। आयकर विभाग द्वारा मंगलवार की दोपहर आर आर आर इंफ्राटेक डेवलपर्स पर की गई सर्वे की कार्रवाई लगभग चालीस घंटे बाद गुरुवार की सुबह पूरी हो गई। विभागीय सूत्रों का दावा है कि जांच में कई वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं और फर्म के संचालकों ने बीस गुना अधिक टैक्स जमा करना सरेंडर किया।
अहिंसा और ग्रीन वैली नाम से कालोनियां बनाने वाले इस ग्रुप द्वारा सालाना लगभग एक करोड़ रुपये का रिटर्न भरा जाता था, लेकिन आयकर सर्वे के बाद ग्रुप में बीस करोड़ रुपये की आय सरेंडर की।
गौरतलब है कि आर आर आर इंफ्राटेक डेवलपर्स के हाथरस रोड स्थित कॉर्पोरेट ऑफिस के अलावा पांच अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने मंगलवार की दोपहर सर्वे की कार्रवाई शुरू की थी। ग्रुप के संचालक रोहित जैन से पूछताछ के साथ ही सभी स्थानों पर आय-व्यय संबंधी दस्तावेज और कम्प्यूटर में दर्ज जानकारी की गहन जांच की गई।
आरआरआर इंफ्राटेक डेवलपर्स द्वारा हर तिमाही में लगभग तीस-तीस लाख रुपये एडवांस टैक्स जमा किया जाता था। लेकिन सर्वे के दौरान इससे बीस गुना अधिक आय का खुलासा हुआ और रोहित जैन ने करीब बीस करोड़ रुपये की आय सरेंडर की।
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त प्रथम अनुपमकांत गर्ग के निर्देशन में हुए इस सर्वे का नेतृत्व एडीशनल कमिश्नर शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने किया। सर्वे में उपायुक्त एसएस लोहान, आयकर अधिकारी अतुल चतुर्वेदी, तरुण सैनी और सुशील कुमार सहित करीब तीस से अधिक अधिकारी शामिल थे।
गौरतलब है कि आर आर आर इंफ्राटेक डेवलपर्स के जिले में फतेहाबाद रोड पर ग्रीन वैली ग्रांड एत्मादपुर रोड पर ग्रीन वैली और मुड़ी चौराहे के निकट ग्रीन वैली एंपायर प्रोजेक्ट संचालित हैं। चर्चा है कि इनमें उनके साथ तीन साझीदार भी हैं। इनके नाम ... अग्रवाल, .... गुप्ता और .... यादव बताए जा रहे हैं। लेकिन आयकर विभाग के सामने इनकी आपस में कोई लिखित साझेदारी सामने नहीं आई। चर्चा है कि इनमें मौखिक सहमति के साथ आपसी व्यापार है। इस बारे में विभाग अभी और पड़ताल करने में जुटा है। 
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