संकट में हस्तशिल्प निर्यातक! केंद्र सरकार से गुहार

आगरा, 27 फरवरी। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा हस्तशिल्प निर्यातकों को मिलने वाले रोडटैप इंसेंटिव की दरों में 50 प्रतिशत की कमी की गयी है, जिससे आगरा के हस्तशिल्प निर्यातक एक बार फिर से परेशानी का सामना कर रहे हैं। 
गौरतलब है कि रोडटैप इंसेंटिव मुख्य तौर पर निर्यातकों को उनके द्वारा किये गये निर्यात के सापेक्ष मिलने वाला सीधा फायदा है, जिसको कुछ निर्यातक अपना लाभ भी मानते हैं। इसकी गणना में सरकार द्वारा उन टैक्स आदि को शामिल किया जाता है जो कि निर्यातक को किसी अन्य स्कीम में रिफंड नहीं मिल रहे होते हैं।
हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्ट एसोसिएशन आगरा के अनुसार सरकार द्वारा 31 दिसम्बर 2020 तक एम ई आई एस स्कीम चलायी जाती थी जिसमें हैंडीक्राफ्ट्स आयटम पर दरें 5 से 7 प्रतिशत तक की थी। किन्तु जनवरी 2021 से लागू होने वाले रोडटैप इंसेंटिव स्कीम में इन दरों को घटा कर पत्थर व मार्बल के हस्तशिल्प उत्पाद, जरी के हस्तशिल्प उत्पादों पर एवं रग्स व कारपेट पर अलग अलग एचएसएन कोड पर लगभग 1 से 3.5 प्रतिशत तक कर दिया गया था। विगत कुछ समय में सरकार द्वारा हस्तशिल्प निर्यातकों से इन रोडटैप दरों को बढ़ाए जाने के लिए विविध प्रकार के सर्वे भी कराये गये थे जिसमें सरकार ने हस्तशिल्प निर्यातकों से उक्त रोडटैप को न्यायसंगत बढ़ाए जाने की भी बात कही थी। लेकिन अब स्थिति एकदम उलट हो गयी है। ये दरें एक तो पहले से ही ऊंट के मुँह में जीरे की तरह से थी उस पर अब इन दरों में भी 50 प्रतिशत की कटौती करना और साथ ही विदेशी बाजार में विभिन्न कारणों से चल रही उथल पुथल, कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी, शिपिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी हस्तशिल्प निर्यातकों के सामने समस्या पैदा करने वाली हो रही हैं।
हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्ट एसोसिऐशन आगरा के कार्यवाहक सचिव विपनेश त्यागी के अनुसार आगरा का हस्तशिल्प उद्योग सूक्ष्म स्तर का है जिसमें अधिकतर उत्पादक व निर्यातक बहुत कम पूँजी एवं कम लाभ के साथ कार्य करते हैं। विगत वर्ष 2025 के मध्य से अमेरिका द्वारा लागू की गयी टैरिफ की दरो में बेतहाशा वृद्धि, जर्मनी में चल रही मंदी के अलावा रूस व यूक्रेन के मध्य चल रहे युद्ध से हस्तशिल्प उद्योग पहले से ही आहत था। त्यागी ने बताया कि हालांकि विगत सप्ताह में अमेरिका द्वारा घोषित टैरिफ की दरों में कमी से आगरा के हस्तशिल्प निर्यातक उत्साहित थे लेकिन सरकार द्वारा रोडटैप की दरों में कटौती ने पुनः हस्तशिल्प निर्यातकों के लिये परेशानी बढ़ा दी है।
एसोसिऐशन के अध्यक्ष रजत अस्थाना ने बताया कि इस विषय में उन्होंने देश की हस्तशिल्प के क्षेत्र में अग्रणी संस्था एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स, नई दिल्ली को पत्र लिखकर हस्तशिल्प उद्योग की इस चिंता को साझा किया है। अस्थाना को उम्मीद है कि आगरा के कुटीर उद्योग की इस समस्या के लिए सरकार जल्द ही कुछ न कुछ समाधान निकालेगी।
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