दयालबाग में नन्हे-मुन्नों का बसंतोत्सव, बेबी शो के विजेताओं को मिले पुरस्कार
आगरा, 20 जनवरी। दयालबाग में मनाए जा रहे बसंतोत्सव में मंगलवार को प्रातः सत्संग की कर्मभूमि खेतों पर बेबी शो का आयोजन किया गया।
बेबी शो का आयोजन दो भागों में संपन्न हुआ। पहले भाग में आध्यात्मिक सौंदर्य, बुद्धिमत्ता एवं स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित प्रतियोगिताएँ विगत 21 दिसम्बर को पी.वी. प्राइमरी स्कूल के सुसज्जित प्रांगण में आयोजित की गईं। इस प्रतियोगिता में दयालबाग में स्थायी रूप से निवास करने वाले तीन सप्ताह से आठ वर्ष तक की आयु के 34 लड़कों एवं 39 लड़कियों ने भाग लिया। दूसरे भाग में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता तीन जनवरी को संपन्न हुई, जिसमें 14 बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
मंगलवार को दोनों राउंड के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ हुज़ूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी एवं रानी साहिबा की उपस्थिति में प्रार्थना के साथ हुआ। तत्पश्चात फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में विजयी बच्चों की प्रस्तुति, नर्सरी स्कूल के नन्हे-मुन्नों द्वारा गाए गए पाठ तथा प्राइमरी स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सुमधुर कव्वाली ने वातावरण को आनंद एवं उल्लास से भर दिया। डॉ. अंजू भटनागर, बाल रोग विशेषज्ञ, सरन आश्रम अस्पताल ने स्वास्थ्य विषय की निर्णायक के रूप में बच्चों के शारीरिक विकास, स्वास्थ्य संकेतकों एवं समग्र देखभाल से जुड़े मानकों पर प्रकाश डाला।
प्रो. विभा सत्संगी, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, भौतिकी विभाग, विज्ञान संकाय तथा वर्तमान में डे-बोर्डिंग स्कूल, दयालबाग की प्रभारी, ने बुद्धिमत्ता की निर्णायक के रूप में बच्चों की समझ, प्रतिक्रिया क्षमता एवं सीखने की प्रवृत्ति से संबंधित निर्धारित मानकों की जानकारी दी।
प्रो. इरा दास, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग, दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) एवं वर्तमान में एमेरिटस प्रोफेसर, ने आध्यात्मिक सौंदर्य की निर्णायक के रूप में बच्चों की भाव-भंगिमा, सरलता, आंतरिक सौम्यता एवं आध्यात्मिक संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला।
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