सेप्टिक टैंक की जहरीली गैस से दो युवक बेहोश, ग्रामीणों ने बचाई जान, उपचार जारी
आगरा, 21 अक्टूबर। तहसील किरावली के जगन विहार कॉलोनी में बुधवार की दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे दो युवक टैंक के अंदर जमा जहरीली गैस की चपेट में आ गए और अचेत होकर गिर पड़े। घटना के बाद कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों की जान बच सकी, हालांकि हालत गंभीर बनी हुई है।
बिना सेफ्टी के उतरे थे टैंक में
मिली जानकारी के अनुसार, जगन विहार कॉलोनी निवासी अजय (30 वर्ष) पुत्र किशोर और राजकुमार (35 वर्ष) पुत्र अशोक बुधवार को एक घर के सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों के पास न तो मास्क था, न ही कोई सेफ्टी बेल्ट या ऑक्सीजन किट। जैसे ही वे टैंक के अंदर उतरे, अंदर कई दिनों से जमा मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसों के कारण उनका दम घुटने लगा। कुछ ही सेकंड में दोनों टैंक के अंदर बेहोश हो गए। बाहर खड़े लोगों ने जब अंदर से कोई हलचल नहीं देखी तो झांक कर देखा, दोनों अचेत पड़े थे।
ग्रामीणों ने दिखाई हिम्मत, रस्सी से खींचकर निकाला बाहर
यह मंजर देख कॉलोनी के लोगों ने शोर मचाया। आसपास के युवक इकट्ठा हुए और रस्सी व कपड़े के सहारे बड़ी मशक्कत के बाद दोनों को टैंक से बाहर निकाला। दोनों की सांसें धीरे-धीरे चल रही थीं। परिजन आनन-फानन में उन्हें बाइक और ई-रिक्शा से सीएचसी किरावली लेकर भागे।
सीएचसी से एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर
सीएचसी प्रभारी डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया, "दोनों मरीजों को अचेत अवस्था में लाया गया था। गैस इनहेलेशन के कारण उनका ऑक्सीजन लेवल काफी गिर गया था। हमारी टीम ने तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट दिया और प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालत नाजुक होने के कारण बेहतर इलाज और निगरानी के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर कर दिया गया।"
पुलिस ने मामले की जानकारी ली है। फिलहाल दोनों युवकों का एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। नियमानुसार ऐसी सफाई के लिए मशीनों का प्रयोग और सफाईकर्मियों के लिए गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर और सेफ्टी सूट जरूरी है, लेकिन जमीनी हकीकत में इसका पालन नहीं होता।
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