तीन हादसे: बालक यमुना में डूबा, रक्षाबंधन पर बहनों को लेने जा रहे भाई और दोस्त के घर से लौट रहे युवक की सड़क हादसों में जान गई
आगरा, 28 अगस्त। जनपद में अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में एक बालक समेत तीन लोगों की जान चली गई। मेहताब बाग में ताज निहारने गया 12 साल का बालक यमुना में डूब गया, जबकि दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो युवकों की मौत हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के मेहताब बाग स्थित ग्यारह सीढ़ी घाट पर प्रकाश नगर निवासी 12 वर्षीय अरमान पुत्र बादशाह अपने दोस्तों वाहिद, हसन पुत्र नाजिम और हसद पुत्र अकबर के साथ घूमने गया था। शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे सभी घाट पर खड़े होकर ताजमहल देख रहे थे।
इसी दौरान अचानक अरमान का पैर फिसल गया और वह यमुना में जा गिरा। उसे डूबता देख दोस्त चिल्लाने लगे। दोस्त को बचाने के लिए हसद ने यमुना में छलांग लगा दी। हसद किसी तरह तैरकर बाहर आ गया, लेकिन अरमान गहरे पानी में समा गया। शोर सुनकर घाट पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और स्टीमर की मदद से तलाश शुरू कराई। पीएसी की बाढ़ राहत टीम को भी बुलाया गया। देर शाम तक बालक का पता नहीं चल सका था।
एक अन्य हादसे में बोदला चौराहे पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने भोलू नामक युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में भोलू की मौके पर ही मौत हो गई। लोहामंडी के जयपुर हाउस, जूस वाली गली निवासी 32 वर्षीय भोलू तीन बहनों के इकलौता भाई था। बताया गया है कि भोलू की बहनें ममता और मुन्नी दिल्ली से राखी बांधने आ रही थीं। गुरुवार रात उन्होंने फोन कर कहा कि उन्हें सिकंदरा चौराहे पर लेने आ जाएं। भोलू बाइक से उन्हें लेने जा रहा था। पुलिस ने ट्रक को पकड़ लिया है। मृतक भोलू एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में सेल्समैन था।
एक और हादसा गुरुवार रात करीब 12 बजे ट्रांस यमुना में हाईवे पर रायल कट के पास हुआ। लक्ष्मी कुंज, एत्माद्दौला निवासी 26 वर्षीय यश मलिक अपने मित्र सौरभ के साथ बाइक से लौट रहा था। वह अपने मित्र कपिल की अस्पताल में भर्ती पत्नी को देखकर वापस आ रहा था। रायल कट के पास टूंडला की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। राहगीरों की सूचना पर पुलिस दोनों को अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने यश को मृत घोषित कर दिया। घायल सौरभ का उपचार किया जा रहा है।
बताया गया है कि यश अपने पिता उमेश मलिक की मौत के बाद अपनी वृद्ध मां सुदेश मलिक का इकलौता सहारा था। वह मथुरा में एक निजी कंपनी में काम करता था।
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