आगरा में दो और साइबर फ्रॉड, साढ़े चौबीस लाख की ठगी!

आगरा, 20 अगस्त। शहर में साढ़े बारह लाख रुपये की साइबर ठगी का एक मामला ठंडा नहीं पड़ा तब तक बारह लाख रुपये की ठगी का एक और मामला सामने आ गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहले मामले में शास्त्रीपुरम निवासी बृजमोहन गोयल को सीनियर सिटीजन क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन के नाम पर निशाना बनाया गया और उनके खाते से करीब 12.56 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। दूसरे मामले में भूप सिंह के साथ ऑनलाइन दवा और ट्रेडिंग के नाम पर दो अलग-अलग घटनाओं में कुल करीब 12 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। शास्त्रीपुरम निवासी बृजमोहन गोयल के मुताबिक साइबर ठगों ने उन्हें सीनियर सिटीजन क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन के नाम पर संपर्क किया। ठगों ने व्हाट्सऐप के जरिए एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके सामने बैंक की वेबसाइट जैसी स्क्रीन खुली। साइबर अपराधियों ने इसी फर्जी स्क्रीन के जरिए उनसे बैंकिंग से जुड़ी जरूरी जानकारी भरवा ली। शुरुआत में पूरी प्रक्रिया सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया जैसी दिखाई गई, जिससे उन्हें ठगी का अंदाजा नहीं हो सका। ठगों ने इसके बाद बृजमोहन गोयल से मोबाइल स्क्रीन शेयर करने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने स्क्रीन शेयर की, साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। कुछ ही समय में खाते से लाखों रुपये अलग-अलग लेनदेन के जरिए निकाल लिए गए। खाते से करीब 12.56 लाख रुपये निकलने के बाद पीड़ित को साइबर ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।

दूसरे मामले में भूप सिंह के साथ अलग-अलग घटनाओं में करीब 12 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने का आरोप है। पहली घटना में ऑनलाइन दवा कंपनी टाटा 1mg के नाम का इस्तेमाल कर करीब 5.33 लाख रुपये की रकम ठगने का आरोप है। दूसरी घटना में टाटा फिनटेक ट्रेडिंग के नाम पर पीड़ित को निवेश और मुनाफे का झांसा दिया गया। इस मामले में करीब 6.66 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कराए जाने की बात सामने आई है। दोनों घटनाओं को लेकर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और ठगी में इस्तेमाल किए गए ऑनलाइन माध्यमों की जांच कर रही है। दोनों घटनाओं से साफ है कि साइबर अपराधी ठगी के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।

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