अशोका ऑटो सेल्स को जिला उपभोक्ता आयोग ने माना सेवा में कमी का दोषी, लगाया जुर्माना
आगरा, 22 जुलाई। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम ने कार डीलर अशोक ऑटो सेल्स लिमिटेड को नई कार की डिलीवरी न देने और एक्सचेंज में ली गई पुरानी कार के पैसे वापस न करने के मामले में सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने 20 जुलाई को दिए अपने निर्णय में कार डीलर को परिवादी लायक सिंह वर्मा को कुल 1,15,000 रुपये ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, मानसिक पीड़ा के लिए 10,000 रुपये और वाद व्यय के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार, कालिंदी विहार, रामबाग के रहने वाले लायक सिंह वर्मा ने 16 फरवरी, 2023 को अशोक ऑटो सेल्स के सेल्स मैनेजर विशाल सडाना से नई टाटा टिगोर एक्स जेड सीएनजी (ब्लू कलर) गाड़ी खरीदने के लिए संपर्क किया था। एक्सचेंज ऑफर के तहत उन्होंने अपनी पुरानी टाटा सफारी गाड़ी (यूपी 85 ए एफ 5067) डीलर को दी थी।
प्रतिपक्षीगण द्वारा पुरानी टाटा सफारी गाड़ी का अनुमानित मूल्य 90,000 रुपये और एक्सचेंज बोनस 15,000/- रुपये मिलाकर कुल 1,05,000 रुपये तय किया गया था। इसके साथ ही परिवादी ने नई कार की बुकिंग के लिए 10,000 रुपये की धनराशि भी जमा की थी।
दोनों पक्षों के बीच तय हुआ था कि दो महीने के अंदर पुरानी गाड़ी का ट्रांसफर कराकर नई टाटा टिगोर की डिलीवरी दी जाएगी। लेकिन डीलर ने न तो पुरानी गाड़ी का ट्रांसफर कराया, न ही नई गाड़ी की डिलीवरी दी और न ही बुकिंग के पैसे वापस किए। परिवादी का आरोप था कि बीमा समाप्त होने के बावजूद डीलर पुरानी गाड़ी का अवैध रूप से प्रयोग कर रहे थे। परेशान होकर ग्राहक ने 30 जून, 2023 को विधिक नोटिस भेजा और फिर उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया।
प्रतिपक्षियों ने अपने बचाव में कहा कि पुरानी गाड़ी को बेचने की कोई समय सीमा तय नहीं थी और उन्होंने सेवा में कोई कमी नहीं की है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रसीदों का अवलोकन करने के बाद, आयोग ने डीलर की दलीलों को खारिज कर दिया और इसे स्पष्ट रूप से सेवा में कमी माना।
फोरम ने अशोक ऑटो सेल्स की डिस्ट्रीब्यूटर/ओनर डॉ. रंजना बंसल, महाप्रबंधक शालिनी, सेल्स मैनेजर विशाल सडाना और डी.एस.ई. शिवम को संयुक्त और पृथक रूप से आदेशित किया कि वे फैसले की तारीख से 45 दिन के भीतर परिवादी को कुल 1,15,000 रुपये वापस करें।
आदेश के अनुसार, इस पूरी धनराशि पर 28 फरवरी, 2023 से लेकर भुगतान की वास्तविक तिथि तक छह प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज भी देना होगा। मानसिक पीड़ा के लिए 10,000 रुपये और कानूनी खर्च के रूप में 5,000 रुपये भी आयोग के खाते में डी.डी. के माध्यम से जमा करने होंगे। यदि डीलर 45 दिन के भीतर यह राशि जमा करने में चूक करते हैं, तो परिवादी सम्पूर्ण धनराशि पर छह प्रतिशत की जगह नौ प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी होगा।
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