ताजमहल में पर्यटकों की संख्या सीमित करने की तैयारी, आईआईटी टीम ने किया सर्वे
आगरा, 10 मई। ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या सीमित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके लिए आईआईटी दिल्ली की टीम के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने शनिवार को सर्वे किया।
एएसआई के उत्तरी क्षेत्र के निदेशक वसंत कुमार स्वर्णकार ने आईआईटी दिल्ली की टीम के साथ ढाई घंटे तक ताजमहल पर रहकर पर्यटकों की आवाजाही के साथ उनके ज्यादा देर तक ठहरने के स्थानों का जायजा लिया।
आईआईटी के विशेषज्ञों ने सैलानियों की संख्या का आकलन किया और स्मारक के होल्डिंग स्थानों को देखा। टीम ने प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मकबरे तक पर्यटकों के आने-जाने, रुकने और फोटोग्राफी के लिए तय स्थानों का भ्रमण भी किया।
ताजमहल में पर्यटकों की संख्या तय करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने विजन डॉक्यूमेंट वाले मामले में एएसआई को निर्देश दिए थे। राष्ट्रीय पर्यावरणीय अभियांत्रिकी शोध संस्थान (नीरी) 11 वर्ष पहले वर्ष 2015 में भीड़ प्रबंधन और वहन क्षमता ji के लिए रिपोर्ट दे चुका है, लेकिन अब सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) की सिफारिश के बाद फिर से आईआईटी दिल्ली से अध्ययन कराया जा रहा है।
ताजमहल में हर दिन 25 से 30 हजार सैलानी पहुंचते हैं, जबकि शनिवार-रविवार या अवकाश के दिनों में इनकी संख्या 50 हजार से अधिक पहुंच जाती है। पन्द्रह वर्ष तक की उम्र वाले पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क होने के कारण यह संख्या और ज्यादा हो जाती है।
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