सोने की शुद्धता में गड़बड़ी रोकने के नियम को सख्त बनाएगी सरकार, हर आभूषण पर अलग पहचान संख्या अनिवार्य होगी
नई दिल्ली, 06 अप्रैल। केंद्र सरकार सोने की शुद्धता में गड़बड़ी और हॉलमार्क का गलत प्रयोग रोकने के लिए हॉलमार्किंग व्यवस्था और सख्त करने की तैयारी में है। सोने के हर आभूषण पर अलग पहचान संख्या अनिवार्य की जाएगी। यह पहचान संख्या केवल उसी आभूषण के लिए होगी और दोबारा किसी दूसरे आभूषण पर इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी। इससे ग्राहकों को असली और सही शुद्धता वाला सोना खरीदने में मदद मिलेगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल देश के चार सौ जिलों में हॉलमार्क यूनिक आईडी सिस्टम लागू है, जिसमें हर आभूषण को एक विशेष नंबर दिया जाता है। लेकिन सरकार को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ मामलों में एक ही नंबर कई आभूषणों पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे ग्राहक को जिस शुद्धता का सोना बताया जाता है, जांच में कई बार उतना शुद्ध नहीं पाया गया। यह ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी मानी जाती है।
सोने का हॉलमार्क होना अनिवार्य है। इस नियम के बावजूद दुरुपयोग और अनियमितताओं के कई मामले सामने आए हैं। कुछ ज्वेलर्स कम कैरेट वाला सोना बेचते हुए या BIS चिह्नों का दुरुपयोग करते हुए पाए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है। इसीलिए सिस्टम को और मजबूत बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए सरकार अब और सख्त व्यवस्था लागू करने जा रही है। सरकार ने इस नई व्यवस्था का परीक्षण पहले 25 जिलों में किया। इस दौरान हॉलमार्क वाले हर आभूषण की फोटो, वजन और अन्य जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की गई।
सरकार ने सोने के हर आइटम के लिए HUID कोड के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया। ग्राहकों को सलाह दी गई कि वे केवल वही ज्वेलरी खरीदे, जिन पर छह अंकों का Hallmark Unique Identification (HUID) कोड हो। इसे 'BIS CARE' ऐप के जरिए वेरिफाई भी किया जा सकता है। इससे नकली सामानों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। असली हॉलमार्क पर BIS का तिकोना निशान, शुद्धता (जैसे 22K/916) और हॉलमार्किंग सेंटर का कोड साफ लिखा होता है।
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