Inside Story: चैंबर कोर कमेटी ने खत्म किया एक विवाद तो दूसरा तूल पकड़ते-पकड़ते बचा, फिर हुई तड़का-भड़की, कोर कमेटी के चेयरमैन ने कर दी इस्तीफे की पेशकश

आगरा, 21 मार्च। नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स यूपी की शनिवार को हुई कोर कमेटी की बैठक में चुनाव संबंधी विवाद को समाप्त घोषित कर दिया गया। लेकिन इसी बैठक में एक मौका ऐसा भी आया जब अनुशासनहीनता का एक और मामला तूल पकड़ते-पकड़ते बचा। आवेश में आए कोर कमेटी के चेयरमैन ने अपना पद छोड़ने की धमकी दे दी। माहौल गर्म देखकर आरोप के घेरे में आए पूर्व अध्यक्ष ने खेद व्यक्त किया, उसके बाद मामला शांत हुआ।
दरअसल दो दिन पूर्व हुई कोर कमेटी की बैठक में अध्यक्ष पद पर पराजित प्रत्याशी मनोज गुप्ता पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे, उस बैठक में भी काफी बहस हुई थी। कोर कमेटी के चेयरमैन ने बताया था कि मनोज गुप्ता ने अपना खेद पत्र भेज दिया है। इस पर तय किया गया कि दो दिन बाद ही कोर कमेटी की बैठक फिर रखी जाए और मनोज गुप्ता से स्वयं उपस्थित होकर खेद व्यक्त कराया जाए।
शनिवार की सायं चार बजे से जीवनी मंडी स्थित चैम्बर कार्यालय में हुई कोर कमेटी की बैठक में कुछ सदस्यों ने पूरे मामले पर नए सिरे से चर्चा कराने का प्रयास किया, लेकिन बैठक में व्यवस्था दी गई कि पिछली बैठक में तय एजेंडे के अनुसार आगे की कार्यवाही होगी न कि पूरा मामला फिर उखाड़ा जाएगा। इसी दौरान एक पूर्व अध्यक्ष ने कोर कमेटी के चेयरमैन पर सवाल उठाया, जिसका उन्होंने जवाब दे दिया, लेकिन बार-बार एक ही बात कहे जाने और अपनी बात को न मानने को लेकर कोर कमेटी के चेयरमैन उखड़ गए। 
उन्होंने कह दिया कि मैं चेयरमैन का पद छोड़े देता हूं लेकिन यह भी तय कर लिया जाए कि बार-बार अवज्ञा करने वाले पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। आमतौर पर शांत रहने वाले चेयरमैन की कड़ी नाराजगी देखते हुए अन्य सदस्यों ने स्थिति संभाली और पूर्व अध्यक्ष से खेद व्यक्त कराकर मामले को खत्म कराया।
करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में कई में मुद्दों पर बहस हुई। पिछली बैठक में अनुपस्थित रहे एक सदस्य ने इस बार पिछले उदहारण पेश करते हुए कुछ लोगों को आड़े हाथों भी लिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि चुनाव समिति के एक सदस्य के बारे में वे काफी कुछ जानते हैं, उन्हें मुंह खोलने को मजबूर न किया जाए।
बैठक में पर्याप्त चर्चा के उपरान्त मनोज गुप्ता द्वारा चुनाव समिति के विरुद्ध लगाए गए आरोप बेबुनियाद पाए गए। तत्पश्चात मनोज कुमार गुप्ता द्वारा स्वयं बैठक में उपस्थित होकर खेद प्रकट किया गया। मनोज ने कोर कमेटी के चेयरमैन योगेन्द्र सिंघल को स्वयं खेद पत्र प्रस्तुत किया। बैठक में खेद पत्र को स्वीकार करते हुए सर्वसम्मति से इस प्रकरण को समाप्त कर दिया गया। 
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