साइको सेक्सुअल डिसआर्डर : युवक ने खुद अपने मल द्वार से घुसा ली पानी की बोतल!!
आगरा, 15 मार्च। शहर में साइको सेक्सुअल डिसआर्डर से पीड़ित युवक का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। खबरों के मुताबिक, युवक ने अपने मलद्वार में पानी की प्लास्टिक की बोतल घुसा ली, जिसे एक घंटे की जटिल सर्जरी के बाद निकाला जा सका।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साकेत कॉलोनी स्थित नवदीप हॉस्पिटल में विगत मंगलवार 38 वर्षीय शादीशुदा युवक को भर्ती कराया गया था। युवक का एक्सरे करने पर पता चला कि उसके मलाशय में एक लीटर की पानी की प्लास्टिक की बोतल फंसी हुई थी। युवक असहनीय दर्द से पीड़ित था। बोतल 36 घंटे से मलाशय में फंसी हुई थी। नवदीप हास्पिटल के निदेशक वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने मीडिया को बताया कि युवक की इमरजेंसी में सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान ध्यान रखा गया कि बोतल को निकालते समय मलाशय न फट जाए और जख्म न हों।
करीब एक घंटे, दस मिनट सर्जरी के बाद बोतल को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया। चार दिन तक इलाज के बाद सिग्मोइडोस्कोपी से मरीज के मलाशय की जांच की गई। अब मलाशय के घाव भरने के साथ ही शौच में भी युवक को कोई परेशानी नहीं आ रही है। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ दीपक, डॉ. भुवेश, राजेंद्र, गजेंद्र, सादाब एवं रोहतांग शामिल थे।
पूछताछ में पता चला कि युवक को साइको सेक्सुअल डिसआर्डर "एनल इरोटिसिम" (गुदा कामुकता) है। यह समस्या पश्चिमी देशों में ज्यादा मिलती है, इससे पीड़ित मरीजों को गुदाद्वार को स्पर्श करने से आनंद मिलता है। पीड़ित मरीज बाहरी वस्तु को खुद ही अपने गुदा द्वार में डालते हैं। इन मरीजों में एचआइवी, हेपेटाइटिस सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज होने का खतरा रहता है। ऐसे मरीजों की काउंसिलिंग की जाती है जिससे वे यह आदत छोड़ देते हैं।
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