ट्रांस यमुना के राज चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी मुठभेड़ में ढेर, दो साथियों को भी गोली लगी, दो पुलिसकर्मी घायल
आगरा, 29 जनवरी। ट्रांस यमुना क्षेत्र के चर्चित राज चौहान हत्याकांड में पुलिस मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। इसी हत्याकांड से जुड़े दो अन्य इनामी आरोपी मोहित पंडित और आशु तिवारी को अलग-अलग मुठभेड़ों में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने मीडिया को बताया कि बुधवार रात गिरफ्तार किए गए अरबाज खान को हत्या में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के लिए टेढ़ी बगिया क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रात करीब दो बजे अरबाज ने अचानक दरोगा को धक्का देकर सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अरबाज की फायरिंग में आरक्षी मनोज कुमार और उपनिरीक्षक ऋषि गोली लगने से घायल हो गए। थाना प्रभारी ट्रांस यमुना उपनिरीक्षक हरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी कोतवाली इंस्पेक्टर भानु प्रताप यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक-एक गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरबाज खान के सीने और दाहिने पैर में गोली लगी। गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल और फिर एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अरबाज का पहले से आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
पुलिस की दूसरी मुठभेड़ डौकी के नदोता अंडरपास के पास हुई। यहां राज चौहान हत्याकांड का आरोपी आशु तिवारी निवासी न्यू गौशाला, रामगंज इटावा ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने अवैध तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस, .315 बोर हथियार बरामद किया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मोहित पंडित हाल निवासी कालिंदी विहार, मूल निवासी एटा को घेरा। फायरिंग में वह भी पैर में गोली लगने से घायल हुआ। पुलिस ने उसके पास से अवैध तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की। तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
गौरतलब है कि 23 जनवरी 2026 की रात राज चौहान को उसके जन्मदिन से एक दिन पहले दोस्तों के साथ एसएन गेस्ट हाउस, टेढ़ी बगिया ले जाया गया था। कुछ देर बाद कमरे में अचानक फायरिंग शुरू हो गई थी। इसी दौरान राज घायल हालत में बाहर भागा। उसे पीछे से कई गोलियां मारी गईं। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक की मां नीरू चौहान ने बताया था कि चार अज्ञात युवक घर आए थे,जो बेटे को साथ ले गए और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश बताई गई।
राज चौहान हत्याकांड के खुलासे के लिए डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास के नेतृत्व में नौ पुलिस टीमों का गठन किया गया था। महज छह दिन में केस का खुलासा कर दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मृत अभियुक्त अरबाज खान उर्फ मंसूरी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है।
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