आगरा में यूजीसी बिल के खिलाफ फिर सड़कों पर प्रदर्शन, ट्रैक्टर मार्च ने तोड़ी नाकेबंदी, यमुना एक्सप्रेस-वे जाम
आगरा, 20 सितंबर। यूजीसी बिल के विरोध में रविवार को जिले में हालात तनावपूर्ण हो गए। यूजीसी मुक्ति मोर्चा के आह्वान पर हजारों प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर लेकर सड़क पर उतर आए। पुलिस की कड़ी नाकेबंदी के बावजूद आंदोलनकारियों ने ट्रैक्टर खेतों के रास्ते निकाल लिए और यमुना एक्सप्रेस वे पर पहुंचकर जाम लगा दिया।
छावनी में तब्दील हुआ मुड़ी चौराहा
मोर्चे ने जलेसर रोड स्थित मुड़ी चौराहे से कलक्ट्रेट तक ट्रैक्टर मार्च और सभा का ऐलान किया था। इसे देखते हुए थाना खंदौली क्षेत्र का मुड़ी चौराहा छावनी में बदल दिया गया। जगह-जगह पीएसी और पुलिस तैनात की गई, आगरा-हाथरस रोड पर नाकेबंदी कर दी गई और रास्ता रोकने के लिए बुलडोजर तक मंगाए गए। मुड़ी से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 25 किमी है।
सुबह से ही मोर्चा अध्यक्ष रिटायर्ड सीओ धर्मेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में भीड़ जुटने लगी। मुड़ी चौराहे पर सभा कर यूजीसी बिल को वापस लेने की मांग उठाई गई।
खेतों से निकाले ट्रैक्टर, एक्सप्रेसवे पर हंगामा
सुबह 11 बजे के बाद पुलिस की नाकेबंदी फेल हो गई। प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर खेतों में उतार दिए, जिससे पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। देखते ही देखते भीड़ यमुना एक्सप्रेसवे के नीचे से ऊपर पहुंच गई और हाईवे जाम कर दिया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। टकराव के हालात बन गए, आंदोलनकारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय की गाड़ी भी रोक दी गई।
मोर्चे ने दावा किया कि मार्च में 50 हजार लोग और हजारों ट्रैक्टर शामिल होंगे। पुलिस ने पहले से 80 लोगों को नोटिस दिए थे। कार्यकर्ता शनिवार रात से ही धरने पर बैठ गए थे।
फिरोजाबाद में भी झड़प, तीन घायल
उधर पड़ोसी जनपद फिरोजाबाद में गांधी पार्क में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के आंदोलन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश में पुलिस से धक्का-मुक्की हुई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए।
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